शिकोहाबाद, उत्तर प्रदेश। भीषण गर्मी के इस मौसम में जहां लोग शीतल पेय पदार्थों से राहत पाने की उम्मीद करते हैं, वहीं शिकोहाबाद के बाज़ारों में धड़ल्ले से बिक रही एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रही है। इन कोल्ड ड्रिंक्स में न तो स्वाद है और न ही ठंडक, जिससे उपभोक्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता पर सवाल उठ रहे हैं।
तेज धूप और भीषण गर्मी के चलते लोग प्यास बुझाने और खुद को तरोताज़ा करने के लिए कोल्ड ड्रिंक, थम्सअप, पेप्सी आदि का सेवन करते हैं। लेकिन, कंपनियों ने बढ़ती मांग का फायदा उठाते हुए बाज़ार में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी माल उतार दिया है। इससे लोगों के पैसे तो खर्च हो रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई आराम नहीं मिल रहा।
एक हालिया घटना में, मंगलवार को बाज़ार में कुछ ग्राहकों ने एक दुकान से 200 एमएल की थम्सअप बोतलें खरीदीं। दुकानदार ने चिल्ड बोतल दी, लेकिन पीने पर ग्राहक को कोई राहत नहीं मिली। जब उनकी नज़र बोतल की एक्सपायरी डेट पर गई, तो पता चला कि कोल्ड ड्रिंक 10 मई को ही एक्सपायर हो चुकी थी। इसके बावजूद, दुकानों पर बड़ी मात्रा में ऐसी एक्सपायरी बोतलें रखी हुई थीं, जिन्हें ठंडा करके ग्राहकों को बेचा जा रहा था।

जब ग्राहकों ने दुकानदार से शिकायत की, तो उसका जवाब था कि “हमें तो सेल्समैन दे जाता है। कंपनी ही एक्सपायरी डेट की कोल्डड्रिंक भेज रही है, हम क्या कर सकते हैं।” यह बयान कंपनियों की लापरवाही और बाज़ार में चल रही धांधली को उजागर करता है।
अधिकारियों की चुप्पी और कंपनी का बयान
इस गंभीर मामले पर खाद्य एवं औषधि विभाग जैसे जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल ध्यान देना चाहिए और छापामार कार्रवाई करके एक्सपायरी माल को बाज़ार से हटवाना चाहिए। ऐसे सप्लायरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, जो आम जनता की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।

इस संबंध में जब कोका कोला कंपनी के क्षेत्रीय मैनेजर आर.एस. जादौन से पूछा गया, तो उन्होंने चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने बताया कि “हमारे नगर में तीन अधिकृत डीलर हैं। कंपनी प्रत्येक तीन माह में ऑडिट कराती है, इसलिए हमारे यहां से यह माल सप्लाई नहीं किया जा रहा है।” जादौन ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अवैध रूप से कंपनी का माल बेच रहे हैं। उनके अनुसार, “यह लोग कहीं दूसरी जगह से एक्सपायरी माल सस्ती दरों पर ले आते हैं और बाज़ार में बेच देते हैं। छोटा दुकानदार सस्ते के चलते इन्हें खरीदता है और ग्राहकों को बेचता है।” उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में कंपनी के अधिकारियों से बात कर कार्रवाई कराई जाएगी।
