अछनेरा। आगरा जनपद के तहसील किरावली क्षेत्र के अछनेरा विद्युत खंड अंतर्गत मड़ौली उपकेंद्र क्षेत्र में सरकारी विद्युत पोलों के दुरुपयोग का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार अछनेरा-भरतपुर रोड पर सड़क से लगभग पचास मीटर अंदर एक खेत की घेराबंदी में केंद्र सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के अंतर्गत आने वाले बिजली के पोलों का उपयोग किया गया है।
तस्वीरों के माध्यम से साफ दिख रहा है कि दक्षिणांचल विद्युत विभाग के उपयोग वाले पोल एक खेत के चारों ओर सैकड़ों पोल गाड़े गए हैं, जिन पर ‘RDSS’ लिखा हुआ स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। कई पोलों से योजना की पहचान मिटाने का भी प्रयास किया गया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में पोल खेत तक पहुंचे कैसे? क्या विभागीय अधिकारियों की जानकारी में यह मामला है या फिर किसी ने सरकारी सामग्री का दुरुपयोग कर निजी लाभ उठाया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पोल सरकारी योजना के अंतर्गत आए थे, जिनका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करना था। लेकिन अब वही पोल खेत की घेराबंदी में लगे देखे जा रहे हैं, जो विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यह कार्य मिलीभगत से किया गया है ताकि योजना की सामग्री का निजी उपयोग किया जा सके।मामले की जानकारी मिलते ही अधिशासी अभियंता किरावली सुभाष चंद्र ने बताया कि प्रकरण पर गंभीरता से संज्ञान लिया गया है। अवर अभियंता को मौके पर भेजकर जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष हुई तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में पहले भी सरकारी सामग्री के अनुचित उपयोग की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई सरकारी संसाधन का दुरुपयोग न कर सके।
