अग्र भारत संवाददाता
आगरा। आवास विकास परिषद के अधिकारियों की कथित मेहरबानी के चलते सिकंदरा योजना में बिल्डरों के हौसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं। सेक्टर-16बी स्थित पदम प्राइड परियोजना में अवैध निर्माण और सुविधाओं की अनदेखी को लेकर कई शिकायतें होने के बावजूद परिषद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है। इससे फ्लैट स्वामियों में रोष व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार मै. रिद्धि सिद्धि बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड के बिल्डर अंकुर जैन ने वर्षों पहले पदम प्राइड परियोजना का निर्माण कराया था। निर्माण में खामियों और नियमों के उल्लंघन को लेकर कई फ्लैट मालिकों ने आवास विकास परिषद में शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस जारी कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।परिषद के निर्माण खंड-2 के सहायक अभियंता द्वारा 26 मार्च 2022 को अवैध निर्माण को लेकर बिल्डर को नोटिस जारी किया गया था, परंतु उसके बाद भी अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि परियोजना परिसर में बाउंड्री के सहारे लैटिन-बाथरूम समेत अन्य सुविधाएं अवैध रूप से विकसित कर ली गई हैं, जिससे यहां रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।5 दिसंबर 2024 को सुशील कुमार पाठक ने मुख्यमंत्री और मुख्य अभियंता लखनऊ को शिकायत भेजकर आरोप लगाया कि अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर पर मोटी रिश्वत लेकर कार्रवाई न करने के आरोप हैं। शिकायत के बावजूद अवैध निर्माण जस का तस बना हुआ है।
बताया जाता है कि पिछले माह मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई शिकायत की जांच के लिए परिषद के सहायक अभियंता राहुल नेमोरिया मौके पर पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित निर्माण को अवैध बताया। इसके बाद 25 जनवरी को अधिशासी अभियंता नवजोत सिंह की ओर से बिल्डर को अवैध निर्माण हटाने के निर्देश भी जारी किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं दिखी।परियोजना में सबसे गंभीर मामला फायर सुरक्षा का भी है। अभी तक इमारत को फायर विभाग की एनओसी प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में लाखों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदने वाले लोग असुरक्षित माहौल में रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आगजनी जैसी घटना हो गई तो बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।निवासियों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मामले को उच्च स्तर तक उठाएंगे। फिलहाल अब देखना यह होगा कि आवास विकास परिषद के अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं या फिर बिल्डर के प्रति नरमी का रवैया जारी रहता है।
नक्शे दो, बिल्डिंग एक
पदम प्राइड परियोजना को लेकर एक और बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। बताया जा रहा है कि आवास विकास परिषद से दो अलग-अलग बिल्डिंग के नक्शे स्वीकृत हैं, लेकिन मौके पर दोनों को एक ही परिसर में जोड़कर निर्माण कर दिया गया है। इतना ही नहीं, दोनों इमारतों की सुविधाएं भी अलग-अलग देने के बजाय एक ही व्यवस्था से संचालित की जा रही हैं, जो नियमों के विपरीत माना जा रहा है। इससे आवंटियों को नक्शे के अनुसार सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और परिषद के अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही
आवास विकास परिषद की मेहरबानी से फलफूल रहा अवैध निर्माण, पदम प्राइड परियोजना में अनियमितताओं की शिकायतें ठंडे बस्ते में, फायर एनओसी के बिना रह रहे लोग
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