अग्र भारत संवाददाता
आगरा। पुरातात्त्विक धरोहरों की सुरक्षा के तमाम दावों के बीच ऐतिहासिक कोस मीनार के प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध निर्माण बेखौफ जारी है। आगरा–जयपुर हाईवे स्थित गांव सहारा के पास प्रधान ढाबा के निकट मुगलकालीन कोस मीनार से महज कुछ दूरी पर नियमों को ताक पर रखकर कॉलोनी विकसित की जा रही है। सड़क निर्माण के लिए न केवल मिट्टी डालकर मार्ग बना दिया गया, बल्कि रास्ते में आ रहे पेड़ों पर भी आरी चला दी गई।
मौके की तस्वीरें हालात बयां कर रही हैं। कच्चे मार्ग को समतल कर सड़क का रूप दिया जा रहा है। दोनों ओर ईंटों के ढेर लगे हैं और निर्माण सामग्री खुलेआम पड़ी है। निर्माण कार्य में लगे लोग और वाहन साफ संकेत दे रहे हैं कि काम लंबे समय से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अनजान बना हुआ है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा निर्माण प्रतिबंधित दायरे में हो रहा है, जहां किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह निषिद्ध है। इसके बावजूद दबंग कॉलोनी संचालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कॉलोनी काट रहा है। सड़क निकालने के लिए कई पेड़ों को काट दिया गया, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है।हैरानी की बात यह है कि पुरातत्व संरक्षण विभाग द्वारा कोस मीनार की नियमित निगरानी का दावा किया जाता है, फिर भी इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कैसे पनप गया, यह बड़ा सवाल है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरें विभागीय लापरवाही की पोल खोल रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई, अवैध निर्माण ध्वस्त करने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यदि समय रहते रोक नहीं लगी तो ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
