आगरा। स्थायी लोक अदालत, आगरा ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह एक वाहन चोरी के मामले में बीमित राशि का भुगतान करे. यह मामला रज्जो पुत्र राम प्रसाद का है, जिनकी गाड़ी चोरी हो गई थी.
इंश्योरेंस कंपनी ने इस आधार पर क्लेम देने से मना कर दिया था कि चोरी से संबंधित सभी दस्तावेज़ और जानकारी समय पर जमा नहीं की गई थी.
इस पर सुनवाई करते हुए, स्थायी लोक अदालत, जिसकी अध्यक्ष श्रीमती शोभा पोरवाल, सदस्य श्रीमती हेमलता गौतम और सुश्री पदमजा शर्मा थीं, ने पाया कि बीमा कंपनी का क्लेम खारिज करना सही नहीं था. अदालत ने कंपनी को न केवल बीमित राशि का भुगतान करने का आदेश दिया, बल्कि ₹20,000 मानसिक और शारीरिक क्षति के मुआवजे के रूप में भी देने का आदेश दिया है.
इस केस में, परिवादी रज्जो की तरफ से अधिवक्ता राघव सिंघल ने पैरवी की थी. यह फैसला बीमाधारकों के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि यह दर्शाता है कि यदि बीमा कंपनी अनुचित कारणों से क्लेम खारिज करती है, तो कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से न्याय पाया जा सकता है.
