एटा, उत्तर प्रदेश। जनपद एटा के ब्लॉक शीतलपुर की ग्राम पंचायत में सरकारी योजनाओं की खुली लूट का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और तत्कालीन पंचायत सचिव पर पेयजल व्यवस्था सुधारने के नाम पर 21,90,761 रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है। यह राशि कथित रूप से हैंडपंपों की रीबोर और मरम्मत कार्य के नाम पर खर्च दिखाई गई, जबकि जमीन पर न तो कोई काम हुआ और न ही ग्रामीणों को कोई लाभ मिला।
ग्राम पंचायत शीतलपुर के दर्जनों ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में मौजूद हैंडपंपों में से कई या तो वर्षों से खराब पड़े हैं या उनमें जलस्तर बेहद नीचे चला गया है। बावजूद इसके कागजों में हैंडपंपों की रीबोर और मरम्मत का कार्य पूर्ण दिखाया गया है। ग्रामीणों ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है, उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों को इस अनियमितता की शिकायत की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि यह घोटाला योजनाबद्ध तरीके से किया गया, जिसमें पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान की मिलीभगत शामिल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेयजल संकट की स्थिति में भी जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। उन्हें मजबूरन दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है।
यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह न केवल सरकारी धन की बर्बादी का मामला होगा, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा करेगा।
