आगरा, पंकज शर्मा : थाना ट्रांस यमुना पुलिस द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर एक व्यापारी के साथ बेहद शर्मनाक और आपत्तिजनक व्यवहार किया गया। आरोप है कि पुलिस ने व्यापारी के पैर पर डंडा मारकर उसे बुरी तरह से चोटिल किया। व्यापारी का ‘कसूर’ सिर्फ इतना था कि उसने पुलिस टीम से सड़कों पर लगे ठेलों और ठेलियों को हटवाने का आग्रह किया था, जो कि मुख्य रूप से अतिक्रमण और जाम का कारण बनते हैं।
इस बात को सुनते ही ट्रांस यमुना थाने के क्राइम इंस्पेक्टर निरंजन सिंह सिरोही कथित तौर पर आपे से बाहर हो गए। उन्होंने व्यापारी गौरव सविता के साथ गाली-गलौज की और फिर बीच बाजार में उनके पैर पर जोरदार डंडा मार दिया, जिससे उनके पैर पर चोट का गहरा निशान पड़ गया। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मी इंस्पेक्टर को शांत करने और समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उन्होंने किसी की भी बात नहीं सुनी और वर्दी का रौब दिखाते हुए व्यापारी के साथ अभद्रता करते रहे।

पीड़ित व्यापारी गौरव सविता की टेडी बगिया चौराहे पर खुशी गारमेंट्स के नाम से कपड़ों की दुकान है। अतिक्रमण अभियान के दौरान पुलिस टीम ने उनकी दुकान के बाहर डंडे पर टंगे कपड़ों को भी हटवा दिया था। जब गौरव अपनी दुकान पर वापस आए और उन्हें इस बात की जानकारी हुई, तो वे अतिक्रमण अभियान चला रही पुलिस टीम के पास पहुंचे। उन्होंने क्राइम इंस्पेक्टर निरंजन सिंह सिरोही से विनम्रतापूर्वक कहा कि सड़क पर सबसे ज्यादा अतिक्रमण और जाम की स्थिति ठेलों और पान के खोखों के कारण होती है।
बस इतना कहना ही क्राइम इंस्पेक्टर सिरोही को नागवार गुजरा। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए गौरव के बाएं पैर पर डंडे से जोरदार वार कर दिया। डंडे का प्रहार इतना तेज था कि गौरव के पैर पर चोट का निशान साफ दिखाई दे रहा है।
पीड़ित व्यापारी गौरव सविता ने इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि वह इस मामले की शिकायत सीधे पुलिस आयुक्त से करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस का यह बर्ताव यह दर्शाता है कि जब एक व्यापारी के साथ पुलिस का यह रवैया है, तो थानों पर आने वाले आम फरियादियों के साथ कैसा सलूक किया जाता होगा। यह घटना पुलिस आयुक्त द्वारा जनता से शालीन व्यवहार करने के निर्देशों की भी धज्जियां उड़ाती है, जहां एक तरफ वे शिष्टाचारपूर्ण संवाद की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ आगरा पुलिस अपनी वर्दी का रौब झाड़ती हुई आम नागरिकों के साथ बदसलूकी पर उतारू है।
