सुल्तान आब्दी
झाँसी उत्तर प्रदेश – अचानक सांस लेने में दिक्कत हुई, अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ा, दोनों बेटे सिपाही झांसी के बड़ागांव थाने में बुधवार सुबह दरोगा की मौत हो गई। एक दिन पहले उनको टॉयलेट करने में दिक्कत हो रही थी। आज सुबह सांस लेने में दिक्कत होने लगी। साथी पुलिसकर्मी मेडिकल कॉलेज लेकर आए। जहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक के बेटे का कहना है कि मेरे पिता हार्ट के पेसेंट थे और उनकी दवा चल रही थी। मंगलवार रात से उनकी ज्यादा तबीयत बिगड़ गई। जब तब हम लोग झांसी आए तो उनकी मौत हो चुकी थी। शव को मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखवाया गया है। पत्नी समेत अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। अब पुलिस पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम करवा रही है। सिपाही से प्रमोशन पाकर दरोगा बन गए थे

इटावा के सैफई थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव निवासी बृजेश यादव (56) पुत्र बलधारी सिंह यादव यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती हुए थे। कुछ साल पहले वह प्रमोशन पाकर दरोगा बन गए थे। फिलहाल उनकी पोस्टिंग झांसी के बड़ागांव थाना में थी। बड़ागांव थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया-मंगलवार को दरोगा बृजेश को टॉयलेट करने में दिक्कत हो रही थी।
तब वह मेडिकल कॉलेज में दिखाने आए थे। यहां इलाज कराकर वापस थाने की बैरिक में पहुंच गए। रात को खाना खाकर सो गए। आज सुबह लगभग 4 बजे उनको सांस लेने में दिक्कत होने लगी। तब उनको मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दरोगा बृजेश के बड़े बेटे रजत यादव ने बताया कि मेरे पिता हार्ट पेसेंट थे। उनकी दवा चल रही थी। मंगलवार को उनकी टॉयलेट रुक गई थी। फिर रात से ज्यादा तबीयत खराब हो गई थी। सुबह जब तक हम लोग आए तो पता चला कि उनकी मौत हो गई।
दरोगा की मौत के बाद परिजन रोते बिखलते हुए झांसी पहुंच गए। दरोगा बृजेश के दो बेटे और एक बेटी है। बड़ा बेटा रजत यूपी पुलिस में सिपाही है और वर्तमान में लखनऊ में तैनात है। उसकी शादी हो चुकी है। छोटा बेटा शनि हाल में ही यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती हुआ है। उसकी लखीमपुर में ट्रेनिंग चल रही है। वहीं, पत्नी और बेटी सृष्टि इटावा में रहती है। बेटी ग्रेजुएशन कर रही है।
