जैथरा (एटा)। नगर पंचायत जैथरा के चेयरमैन विवेक गुप्ता के चचेरे भाई आशू गुप्ता की दबंगई एक बार फिर चर्चा में है।आरोप है कि आशू गुप्ता ने अपने साथियों के साथ मिलकर जैथरा–अलीगंज मार्ग पर एक ट्रक चालक का पीछा कर ओवरटेक किया और जबरन गाड़ी रोक ली। ट्रक रुकते ही सभी आरोपित चालक पर टूट पड़े और गाली-गलौज करते हुए पिटाई शुरू कर दी। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा। अग्र भारत वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
पीड़ित चालक ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपितों ने उससे भाड़े के 40 से 45 हजार रुपये भी छीन लिए। किसी तरह जान बचाकर वह थाने पहुंचा और पूरी घटना की लिखित तहरीर जैथरा पुलिस को सौंपी।
जैथरा पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
वायरल वीडियो में चौंकाने वाला सच मौजूद है, गंभीर आरोपों के बावजूद जैथरा पुलिस ने तत्काल किसी भी आरोपित पर कार्रवाई नहीं की। पीड़ित के मुताबिक, पुलिस समझौते का दबाव बनाती रही, जबकि सभी आरोपित खुलेआम घूमते रहे। इससे पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे-छोटे मामलों में आधी रात को घरों में दबिश देने वाली जैथरा पुलिस इस मामले में आश्चर्यजनक रूप से धीमी पड़ गई है। चर्चा यह भी है कि चेयरमैन के रसूख के आगे पुलिस की सख्ती बेअसर हो गई है। जबकि अधिकारी सबके लिए समान कानून का दावा करते हैं।
पीड़ित ट्रक चालक ने बताया कि घटना के बाद वह सहमा हुआ था, पीआरवी जवानों के साथ वह थाने पहुंचा, लेकिन थाने पहुंचने पर भी उसे न्याय के बजाय सुलह समझौते की सलाहें सुनने को मिलीं। इससे पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस आरोपियों के यहां दबिश देने की बजाय, उसे फोन कर बुलाने पर जुटी रही। इससे पूर्व भी इस आरोपी का धमकी भरा ऑडियो वायरल हुआ था।
उच्चाधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि आशू गुप्ता व उसके गुर्गों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में रसूख के दम पर गुंडई करने वालों के हौसले पस्त हों और आम लोगों में सुरक्षा की भावना कायम रहे।
नगर के लोगों का कहना है कि अगर इस मामले में भी लीपापोती की गई, तो अपराधियों के मन में कानून का कोई भय नहीं बचेगा।
