झांसी, सुल्तान आब्दी: उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष (उपमंत्री दर्जा प्राप्त) श्रीमती अपर्णा यादव ने झांसी में अपने भ्रमण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के कल्याण और सुरक्षा से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज स्थित वन स्टॉप सेंटर, जिला महिला चिकित्सालय और जिला महिला बंदीगृह का जायजा लिया, जिसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में महिला कल्याण विभाग और अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की।
वन स्टॉप सेंटर और महिला चिकित्सालय का निरीक्षण
सर्वप्रथम, उपाध्यक्ष ने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया, जहां सेंटर मैनेजर श्रीमती प्रीति गौर ने बताया कि वर्तमान में 03 बालिकाओं को रेस्क्यू किया गया है। उपाध्यक्ष ने इन बालिकाओं से बातचीत की और संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि रेस्क्यू की गई पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को शासन के निर्देशानुसार परामर्श और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।
इसके बाद, श्रीमती यादव ने जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सक उपस्थिति पंजिका, ओपीडी, महिला वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, एसएनसीयू (सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट) और प्रसूता महिला शौचालय का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, तैनात चिकित्सक सहित अन्य स्टाफ उपस्थित पाए गए और अस्पताल में सफाई व्यवस्था संतोषजनक मिली। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजनारायण ने बताया कि जिला महिला चिकित्सालय में पात्र महिलाओं को गर्भावस्था से लेकर प्रसव तक सभी प्रकार की निःशुल्क परीक्षण और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं। उपाध्यक्ष ने नर्सिंग स्टाफ, आशा और एएनएम को समय-समय पर प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए ताकि महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने चिकित्सकों की कमी को देखते हुए 02 एनिस्थीसिया चिकित्सकों की मांग हेतु शासन से पत्राचार करने के लिए भी कहा।
महिला बंदीगृह का दौरा और बंदियों से संवाद
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने जिला महिला बंदीगृह का भी निरीक्षण किया। जेल अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में इस कारागार में कुल 996 बंदी हैं, जिनमें 945 पुरुष और 51 महिला बंदी शामिल हैं। उपाध्यक्ष ने महिला बंदियों से बातचीत की, उनका हालचाल जाना और माता महिला बंदियों के साथ-साथ उनके आवासित बच्चों को फल और मिष्ठान वितरित किए। उन्होंने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि महिला बंदियों को स्थानीय उत्पादों, सिलाई, कढ़ाई, साबुन, डिटर्जेंट और सौंदर्य प्रसाधन के अन्य उत्पादों के निर्माण संबंधी प्रशिक्षण प्रदान कराएं ताकि उन्हें कारागार में रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने महिला बंदियों के आवासित बच्चों को प्राथमिक शिक्षा का ज्ञान दिलाने पर भी जोर दिया।
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर समीक्षा बैठक
कलेक्ट्रेट सभागार में उपाध्यक्ष ने महिला कल्याण विभाग और अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ जनपद में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन हेतु किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
पुलिस विभाग की समीक्षा में उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद में ऐसे स्थल जहां बालिकाओं और महिलाओं का अधिक संख्या में आवागमन रहता है, उनका चिह्नांकन कर पिंक बूथ बनाए जाएं। इसके साथ ही, शरारती तत्वों और मनचलों पर नियंत्रण के लिए महिला पुलिस अधिकारियों और महिला पुलिस कर्मियों द्वारा पेट्रोलिंग कराई जाए। शिक्षा विभाग की समीक्षा में उन्होंने माध्यमिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा के अंतर्गत अध्ययनरत बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लाभ से आच्छादित करने और अभिभावकों को बालिकाओं की शिक्षा पर ध्यान आकर्षित करने हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए।
भ्रमण कार्यक्रम के दौरान सदस्य राज्य महिला आयोग अनुपमा सिंह लोधी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, नगर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र सिंह, अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.के. जैन, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण राजेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक रती वर्मा, जेल अधीक्षक विनोद कुमार, उप निदेशक अल्पसंख्यक विभाग मो. तारिक, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुरेन्द्र कुमार पटेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन कुमार, अपर जिला सूचना अधिकारी सुरेन्द्र पाल सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
