झाँसी, सुल्तान आब्दी, उत्तर प्रदेश: झाँसी के मऊरानीपुर ब्लॉक से एक बेहद ही शर्मनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ गरीब और कुपोषित बच्चों के हक पर खुलेआम डाका डालने का आरोप ग्राम प्रधान पर लगा है। बच्चों को मिलने वाला पोषाहार कथित तौर पर ग्राम प्रधान द्वारा डकारा जा रहा है, जिससे उन मासूमों का पोषण अधर में लटक गया है जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। यह खुलासा एक वायरल वीडियो और आंगनवाड़ी सहायिका की शिकायत के बाद हुआ है, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, यह मामला मऊरानीपुर ब्लॉक के ढिमलौनी गाँव का है। यहाँ के ग्राम प्रधान पर आरोप है कि वे सरकार द्वारा कुपोषित और गरीब बच्चों के लिए भेजा जाने वाला पोषाहार स्वयं ही हड़प रहे हैं। जब आंगनवाड़ी सहायिका ने इसका विरोध किया, तो ग्राम प्रधान ने कथित तौर पर उसके खिलाफ फर्जी शिकायतें कर उस पर दबाव बनाने की कोशिश की।
हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें ग्राम प्रधान को आंगनवाड़ी सहायिका के बेटे से पोषाहार की मांग करते हुए और उसे अपने हिसाब से वितरित करने का दबाव बनाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में ग्राम प्रधान स्पष्ट रूप से यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि पोषाहार उनके घर समय पर पहुंचना चाहिए और वे ही तय करेंगे कि उसका वितरण कैसे होगा।
वायरल वीडियो ने खोली पोल

यह वायरल वीडियो ढिमलौनी ग्राम प्रधान का बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि किस तरह ग्राम प्रधान सरकारी योजना के तहत आने वाले पोषाहार पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे बच्चों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी रोष है।
प्रशासन की कार्यवाही का आश्वासन

वीडियो वायरल होने और मामले की गंभीरता को देखते हुए, मऊरानीपुर के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) अजय कुमार ने त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। उप जिलाधिकारी अजय कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “वायरल वीडियो की गहन जांच की जाएगी और इसमें दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। किसी को भी गरीब बच्चों के हक पर डाका डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”

यह घटना दर्शाती है कि कैसे कुछ unscrupulous तत्व सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग कर गरीबों के हक छीनने से भी बाज नहीं आते। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता से जांच करता है और क्या दोषी ग्राम प्रधान के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और ज़रूरतमंद बच्चों को उनका सही पोषण मिल सके। इस पूरे मामले पर झाँसी अपडेट्स की नज़र बनी रहेगी।
