झांसी (सुल्तान आब्दी) : योगी सरकार में माफियाओं की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई लगातार सुर्खियों में रही है। लेकिन झांसी का एक सट्टा माफिया, धर्मेंद्र साहू, पुलिस की कथित सुस्ती के चलते सलाखों से बाहर आकर फिर से अपना काला कारोबार चला रहा है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस सट्टा किंग की अकूत संपत्ति कब जब्त होगी? पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की घोषणा तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह कार्रवाई कब दिखेगी?
मालिक को धोखा देकर बना सट्टा किंग, अब सलाखों से बाहर
हाल ही में आईपीएल सट्टेबाजी के मामले में चर्चा में आए धर्मेंद्र साहू की कहानी भी अजीब है। कभी गन्ने का जूस बेचने वाला धर्मेंद्र अपने ही मालिक को धोखा देकर सट्टे के धंधे का बड़ा खिलाड़ी बन गया। लेकिन दिलचस्प यह है कि जिस मालिक ने उसे ठिकाने लगाने की कोशिश की, उसके जाल से धर्मेंद्र आसानी से निकल गया। पुलिस उसे एक सप्ताह भी सलाखों के पीछे नहीं रख पाई।
सूत्रों की मानें तो कुछ साल पहले आर्थिक रूप से कमजोर धर्मेंद्र गन्ने का जूस बेचकर गुजारा करता था। फिर उसकी मुलाकात कोतवाली क्षेत्र के एक बड़े सट्टा माफिया से हुई, जिसके ऑनलाइन सट्टे का कारोबार बड़े पैमाने पर फैला हुआ था। धर्मेंद्र ने उसी के यहां काम करते-करते अपने संपर्क मजबूत कर लिए। पिछले दो वर्षों में उसने अपने मालिक से अलग होकर उसके सारे ग्राहकों को मोटा कमीशन का लालच देकर अपने साथ मिला लिया और खुद का ऑनलाइन सट्टा कारोबार शुरू कर दिया।
धर्मेंद्र की एंट्री से सट्टा माफिया का कारोबार गिरने लगा, जिसके बाद मालिक ने उसे रास्ते से हटाने की कोशिशें शुरू कर दीं। लेकिन धर्मेंद्र उससे भी दो कदम आगे निकला और झांसी के अलावा दतिया, ग्वालियर और डबरा जैसे इलाकों में करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली और पूरे बुंदेलखंड में अपना सट्टा नेटवर्क फैला दिया।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
हाल ही में पुलिस की रडार पर आने के बाद धर्मेंद्र साहू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, लेकिन वह एक सप्ताह भी सलाखों के पीछे नहीं रह सका। सूत्रों के अनुसार, जेल से बाहर आते ही उसने अन्य सट्टा माफियाओं के साथ बैठक कर अपना कारोबार फिर से शुरू कर दिया है। वहीं, धर्मेंद्र का पूर्व मालिक भी अपना धंधा चला रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि झांसी पुलिस द्वारा इन सट्टा माफियाओं पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की घोषणा के बावजूद धर्मेंद्र साहू की अकूत संपत्ति अभी तक क्यों नहीं जब्त की गई है? सूत्रों का कहना है कि धर्मेंद्र के पास अरबों की संपत्ति है। योगी सरकार में जब इतने माफियाओं की संपत्ति जब्त हुई है, तो धर्मेंद्र साहू जैसा सट्टा किंग इस कार्रवाई से कैसे बचा हुआ है? कोतवाली इलाके की युवा पीढ़ी इस सट्टे के दलदल में फंसती जा रही है, और पुलिस की लचर कार्रवाई पर सवाल उठना लाजमी है। अब देखना यह है कि पुलिस कब इस सट्टा माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करती है और उसकी अवैध संपत्ति को जब्त करती है।
