जनप्रतिनिधियों के पत्रों का समयबद्ध निस्तारण हो, बजट व्यय में लापरवाही बर्दाश्त नहीं – किरण पाल कश्यप
फर्जी अंत्योदय कार्ड हटाने, गोशालाओं में ठंड से बचाव और जनहित कार्यों की समीक्षा के निर्देश
झाँसी (उत्तर प्रदेश)। सुल्तान आब्दी
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की “संसदीय अध्ययन समिति” की महत्वपूर्ण बैठक आज कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में सभापति किरण पाल कश्यप की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जनपद झाँसी एवं ललितपुर के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अवसर पर सभापति किरण पाल कश्यप, सदस्य विधान परिषद रामा निरंजन, अनुसचिव समिति विनोद कुमार यादव, समीक्षा अधिकारी सौरभ दीक्षित, प्रतिवेदक बृजेश यादव, अभिनव एवं बजरंग लाल मेहरा का जिला प्रशासन झाँसी व ललितपुर के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर, बुंदेलखंडी पटका पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह स्वरूप पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने शिष्टाचारपूर्वक अपना परिचय दिया।
संसदीय समितियाँ ‘लघु संसद’ के रूप में कार्य करती हैं – सभापति
अपने उद्बोधन में सभापति किरण पाल कश्यप ने उपस्थित अधिकारियों को नववर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि संसदीय अध्ययन समिति का मुख्य उद्देश्य संसद के सीमित समय को देखते हुए विभिन्न विधेयकों, नीतियों एवं वित्तीय मामलों की गहन समीक्षा करना, विशेषज्ञों व जनता से सुझाव लेकर सदन को ठोस एवं सूचित सिफारिशें देना है, जिससे विधायी प्रक्रिया अधिक प्रभावी बने और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित हो।
उन्होंने कहा कि संसदीय समितियाँ “लघु संसद” की तरह कार्य करती हैं और जटिल विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती हैं। संविधान में प्रदत्त नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराना समितियों का महत्वपूर्ण दायित्व है।
जनप्रतिनिधियों के पत्रों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अनिवार्य
सभापति ने स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्त विभागीय अधिकारी जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्रों एवं प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान लें, उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें तथा की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में जनप्रतिनिधियों, शासन एवं समिति को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में जनप्रतिनिधियों के सुझावों का अनिवार्य रूप से अनुपालन होना चाहिए।
बजट व्यय पर नाराजगी, विभागवार समीक्षा के निर्देश
वित्तीय वर्ष के समापन को लेकर सभापति ने विभागों में उपलब्ध बजट और उसके व्यय की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान यह सामने आया कि अधिकांश विभाग अब तक केवल 40 से 45 प्रतिशत बजट ही खर्च कर पाए हैं। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने जिलाधिकारी झाँसी एवं ललितपुर को निर्देश दिए कि विभागवार समीक्षा कर यह स्पष्ट करें कि कितना बजट उपलब्ध था, कितना व्यय हुआ और कितना अवशेष है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 में नया बजट आने वाला है, ऐसे में विकास कार्यों में धन का समयबद्ध उपयोग अनिवार्य है।
फर्जी अंत्योदय कार्ड हटाने व गोशालाओं में पुख्ता इंतजाम के निर्देश
सभापति ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देशित किया कि फर्जी तरीके से अंत्योदय कार्ड बनवाकर लाभ ले रहे अपात्र व्यक्तियों को सूची से हटाकर वास्तविक पात्रों को लाभान्वित किया जाए। साथ ही पशुपालन विभाग को शासनादेश के अनुरूप गोशालाओं एवं गोआश्रय स्थलों में गोवंश के भरण-पोषण, सुरक्षा एवं ठंड से बचाव के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सर्दी के दृष्टिगत नगर निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से गोवंश को ठंड से बचाने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
कई विभागों की कार्यप्रणाली की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक में गृह, राजस्व, ग्राम्य विकास, स्वास्थ्य, होम्योपैथिक, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, सहकारिता, लोक निर्माण, आबकारी, होमगार्ड, नगर निगम, नगर पालिका, जल निगम, बाल विकास एवं पुष्टाहार, नेडा, माध्यमिक व बेसिक शिक्षा, महिला कल्याण, पर्यटन, लघु सिंचाई, ऊर्जा, विद्युत सुरक्षा, पंचायती राज, प्राविधिक शिक्षा, खाद्य एवं रसद, समाज कल्याण, पर्यावरण, दुग्ध विकास, खनन, कारागार, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, व्यापार कर एवं संस्कृति विभाग सहित अनेक विभागों में जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्रों पर हुई कार्यवाही एवं निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की गई।
आपसी समन्वय से ही विकास संभव – सभापति
सभापति किरण पाल कश्यप ने कहा कि जनहित में किए गए कार्यों की समीक्षा करना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाना समिति का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि दोनों जनपदों में जो क्षेत्र विकास से पीछे हैं, उन पर विशेष फोकस किया जाए। हम और आप एक-दूसरे के पूरक हैं, आपसी समन्वय से ही वास्तविक विकास संभव है।
जिलाधिकारी ने जताया आभार
बैठक के अंत में जिलाधिकारी झाँसी मृदुल चौधरी ने सभापति एवं समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि उनके द्वारा दिए गए सभी निर्देशों एवं सुझावों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में जिलाधिकारी झाँसी मृदुल चौधरी, जिलाधिकारी ललितपुर सत्यप्रकाश, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति, पुलिस अधीक्षक ललितपुर मोहम्मद मुश्ताक, मुख्य विकास अधिकारी झाँसी जुनैद अहमद, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय, अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वरुण कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी ललितपुर अंकुर श्रीवास्तव, सीएमएस मेडिकल कॉलेज झाँसी डॉ. सचिन माहौर, अपर नगर आयुक्त राहुल कुमार यादव, नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद कुमार झा, डीडीओ सुनील कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए राजेश कुमार, उपायुक्त मनरेगा शिखर श्रीवास्तव, जिला विद्यालय निरीक्षक रति वर्मा, अधिशासी अभियंता भवन निर्माण दीपांकर चौधरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
