झांसी। साहित्यिक संस्था ‘संकल्प झांसी’ एवं ‘उत्तर प्रदेश साहित्य सभा’ के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को राजकीय संग्रहालय के सभागार में भव्य सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों की कृतियों पर गंभीर चर्चा हुई और श्रेष्ठ रचनाकारों को नकद धनराशि व स्मृति चिह्न देकर नवाजा गया।
सम्मान: ‘नदीम’ को 11 हजार और ‘बेनूर’ को मिला 5100 का सम्मान
समारोह में मुख्य अतिथि नगर विधायक रवि शर्मा और दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कवियों को सम्मानित किया:
- कीर्ति शेष जनकवि नाथूराम साहू “कक्का” स्मृति सम्मान 2026: जालौन के सुप्रसिद्ध कवि नासिर अली ‘नदीम’ को उनके मुक्तक संग्रह “मन भी मिले” के लिए 11,000 रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।
- कीर्ति शेष सुकवि अशित मित्तल स्मृति सम्मान 2026: लखनऊ के राम शब्द ‘बेनूर’ को 5,100 रुपये की धनराशि से सम्मानित किया गया।
- इसके साथ ही उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के नवनियुक्त जिला संयोजक रिपुसूदन नामदेव का भी अतिथियों ने अभिनंदन किया।
विधायक रवि शर्मा का प्रेरक संबोधन: “पीढ़ियों के लिए लिखें”
नगर विधायक रवि शर्मा ने साहित्यकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा:
”जीवन में दो ही मार्ग श्रेष्ठ हैं— या तो इस तरह लिखें कि आने वाली पीढ़ी आपको याद रखे, या फिर समाज में ऐसा कार्य करें जिसे आने वाली पीढ़ियां अपने शब्दों में लिखें।”

उन्होंने बुद्धिजीवियों से समाज की कुरीतियों और विसंगतियों को दूर करने के लिए अपनी लेखनी का उपयोग करने का आह्वान किया।
राज्य मंत्री हरगोविंद कुशवाहा: “मानवीय मूल्य ही जीवन का आधार”
दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने महाराजा छत्रसाल और कवि भूषण का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे इतिहास में कवियों का स्थान राजाओं से भी ऊपर रहा है। उन्होंने समाज में मानवीय मूल्यों को जीवित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
साहित्यिक परिचर्चा और काव्य पाठ
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के प्रपौत्र इंजीनियर सौरभ गुप्त ने की। उन्होंने नासिर अली ‘नदीम’ के लेखन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं में सूफी तरंग और वेदना का सुंदर समन्वय है।
द्वितीय सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन की अध्यक्षता प्रताप नारायण दुबे ने की, जहाँ कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में संत राम पेंटर, वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा, के.पी. सिंह, डॉ. रेनू चंद्रा, गिरधर खरे सहित भारी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
