घिरोर (मैनपुरी): गर्मी की दस्तक के साथ ही विद्युत विभाग की तैयारियों की पोल खुलने लगी है। कस्बे की घनी और पुरानी बस्ती के विद्युत उपभोक्ता आए दिन बिजली की अव्यवस्था से त्रस्त हैं। भुर्जी गली पर रखे ट्रांसफार्मर से पोषित बिजली आपूर्ति बीती रात से ठप्प है, जिससे करीब दो सौ से ज्यादा घरों में अंधेरा छाया हुआ है और लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं।
स्थानीय निवासियों के प्रयासों से लाइनमैनों ने कई बार खराबी ठीक करने की कोशिश की, लेकिन बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। रविवार शाम तक भी लाइन टू फेस बनी रही, जिससे लोग गर्मी और पानी की समस्या से जूझते नजर आए। विभाग की इस अनदेखी को लेकर लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। खबर लिखे जाने तक, बिजली गुल हुए 20 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका था और आपूर्ति अभी भी बाधित थी।
जैन गली निवासी मनोज जैन ने विद्युत विभाग के अधिकारियों के वादों को खोखला बताते हुए कहा कि पुरानी और जर्जर केबलों के सहारे निर्बाध बिजली आपूर्ति का वादा हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से खराब केबलों से बिजली सप्लाई की जा रही है, जो कि सरासर गलत है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द केबलों को बदलकर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कस्बा निवासी अखिल अग्रवाल ने विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बिल जमा न करने पर उपभोक्ता जिम्मेदार होता है, तो खराब विद्युत व्यवस्था के लिए विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही क्यों नहीं तय की जाती? उन्होंने पूछा कि आखिर कब तक पुरानी और जर्जर केबलों के सहारे जनता को परेशान किया जाएगा।
अधिकारी का आश्वासन
उपखंड अधिकारी निजामुद्दीन ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि केबलों को बदलने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है और जल्द ही केबलें बदलवाकर समस्या का समाधान किया जाएगा। हालांकि, 20 घंटे से बिजली गुल होने के बाद लोगों को इस आश्वासन पर कितना भरोसा होगा, यह देखने वाली बात है।
