वीडियो-ऑडियो के बावजूद ढीली कार्रवाई,एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य फरार, दूसरी युवती दहशत में
आगरा /अछनेरा ।थाना अछनेरा क्षेत्र में पुलिस की कथित लापरवाही और शोहदों के आतंक से आहत होकर एक 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। यह दर्दनाक घटना 22 जनवरी की बताई जा रही है। मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों के मोबाइल में एक दर्जन से अधिक आपत्तिजनक वीडियो और ऑडियो क्लिप मिलने के बावजूद पुलिस ने शुरुआत में गंभीरता नहीं दिखाई। घटना से जुड़ी दूसरी युवती दहशत में है।
बीते 22 जनवरी को युवती ने विषाक्त खाया ,स्वजन आनन फानन में निजी अस्पताल लेकर पहुंचे ,लेकिन युवती ने रस्ते में ही दम तोड़ दिया और देर शाम अंतिम संस्कार कर दिया,बाद में मृतका की बड़ी बहन ने परिजनों को हासलियत बताई,खुद को भी शोहदों के जाल का शिकार बताया,स्वजनों के अनुसार, गांव कसौटी निवासी अक्षित जैन ने पहले नाबालिग से दोस्ती की, फिर उसके अर्धनग्न वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। आरोप है कि अक्षित ने अपने साथियों अनिल निवासी मई और ललित जैन (निवासी कासौटी) सहित अन्य साथियों के साथ मिलकर किशोरी पर दबाव बनाया और वीडियो वायरल करने की धमकियां देता रहा। युवती इस घटना से पूरी तरह टूट चुकी, शोहदों की प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर किशोरी ने जहर खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
किशोरी के बाबा ने बताया कि 24 जनवरी को उन्होंने आरोपी अक्षित जैन को गांव आने पर पकड़ लिया । उसके पास से दो मोबाइल बरामद हुए, जिनमें आपत्तिजनक वीडियो और ऑडियो क्लिप मौजूद थीं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी व मोबाइल थाने ले गई, लेकिन हल्का इंचार्ज द्वारा पहले शांति भंग में चालान कर खानापूर्ति की गई और आरोपी को छोड़ दिया गया।परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने तहरीर में खामियां बताकर कई बार बुलाया, जिससे मामला टलता रहा। अंततः मौत के तीन दिन बाद 26 जनवरी की शाम को प्राथमिकी दर्ज की गई। देर से एफआईआर होने के चलते पीड़ित परिवार और दूसरी युवती दहशत में हैं। बाद में उसी एक आरोपी को गिरफ्तार दिखाया गया, जबकि अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।मोबाइल में मिले डिजिटल सबूतों के आधार पर अन्य शोहदा गैंग तक पहुंचने के सवाल पर पुलिस की कार्रवाई पर भी उंगली उठ रही है। हाईटेक सिस्टम का दावा करने वाली पुलिस, उपलब्ध ऑडियो-वीडियो साक्ष्यों के बावजूद नेटवर्क तक नहीं पहुंच पाई। सवाल यह भी है कि एक किशोरी जान गंवा चुकी है, और कितनी नाबालिगों को निशाना बनाया गया?वहीं, एसीपी अछनेरा शैलेन्द्र सिंह का कहना है कि 22 जनवरी को कोई शिकायत नहीं आई, जहर खाकर किशोरी की मौत हुई पुलिस को सूचना नहीं दी थी और 26 जनवरी को मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि लड़की का पोस्टमार्टम नहीं हुआ।इसके बाद उनका फोन कट गया दोबारा संपर्क करने संपर्क नहीं हुआ है।मामले ने क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग आरोपियों की गिरफ्तारी, डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच और पुलिस लापरवाही की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
