झांसी: लोकसभा के हाल ही में समाप्त हुए मानसून सत्र में, झांसी-ललितपुर के सांसद श्री अनुराग शर्मा ने अपने क्षेत्र की जनता और देश के व्यापक हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए। उन्होंने विशेष रूप से मानव और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर पूछे सवाल
सांसद अनुराग शर्मा ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संबंध में झांसी जिले में महिला लाभार्थियों की संख्या, दी गई वित्तीय सहायता और योजना की पहुँच बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी। उन्होंने यह भी पूछा कि पिछले तीन वर्षों में कितने आवेदन आए, कितने स्वीकृत हुए और अस्वीकृत होने के कारण क्या थे। उन्होंने सरकार से झांसी जैसे आकांक्षी जिलों में इस योजना को सरल बनाने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया।
स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर फोकस
उन्होंने कैंसर के उपचार में परमाणु ऊर्जा विभाग के योगदान और शोध में हुई प्रगति को लेकर भी सवाल पूछे। इसके अलावा, उन्होंने ग्रामीण युवाओं के लिए चलाई जा रही दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत पिछले पांच वर्षों में प्रशिक्षण और रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं की संख्या पर भी जानकारी मांगी। उन्होंने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में वंचित वर्गों को इस योजना से जोड़ने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछा।
जनगणना और कृषि मुद्दों पर भी उठाए प्रश्न
सांसद ने जनगणना 2027 और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) से जुड़े प्रश्नों को भी सदन में रखा। उन्होंने पूछा कि क्या जनगणना दो चरणों में होगी और इसके लिए प्रस्तावित खर्च क्या है।
किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025 के लक्ष्यों और अब तक आयोजित कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी मांगी।
साइबर अपराध और युवाओं के रोजगार पर जोर
सांसद अनुराग शर्मा ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध रोकथाम योजना के तहत राज्यों को दिए गए फंड और स्थापित साइबर फॉरेंसिक लैब की स्थिति पर भी सवाल किए। उन्होंने भारत-बैंकर कार्यक्रम जैसे युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी भी सदन से मांगी।
सांसद ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वे हर सत्र में जनता की मांगों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों को उठाते रहेंगे, क्योंकि उनका मानना है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलता है, जब वे अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक पहुंचें। उनका मुख्य लक्ष्य झांसी-ललितपुर की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना और क्षेत्र को विकसित जिलों की श्रेणी में लाना है।
