आगरा। अवैध संबंधों में बाधा बन रहे प्रेमी के पति की हत्या के मामले में, आगरा की अपर जिला न्यायाधीश (एडीजे) 28 की अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपी सद्दाम को आजीवन कारावास और ₹35,000 के जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में मृतक की पत्नी शबाना बेगम को भी दोषी पाया गया है और उन्हें दो साल कैद और ₹5,000 के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 6 जनवरी 2018 को आगरा के थाना शाहगंज क्षेत्र में हुई थी। मामले के अनुसार, मृतक मुबारक उर्फ बबलू के भाई नासिर उर्फ कालिया पठान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके भाई की पत्नी शबाना बेगम के नगला मेहरांव खान निवासी सद्दाम उर्फ कलुआ पहलवान के साथ अवैध संबंध थे। जब मुबारक ने इन संबंधों का विरोध किया, तो सद्दाम ने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
आरोप है कि उसी दिन सद्दाम ने मुबारक के सिर में सरिया मारकर उसकी हत्या कर दी। यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसमें मृतक की पत्नी शबाना बेगम ने भी अपने प्रेमी का साथ दिया था।
अदालत का फैसला
एडीजे 28 की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने प्रस्तुत किए गए सबूतों और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) विजय वर्मा के तर्कों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया।
अदालत ने सद्दाम को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और ₹35,000 के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, मृतक की पत्नी श्रीमती शबाना बानो को इस अपराध में सहयोग करने का दोषी पाया गया और उन्हें दो वर्ष की कैद के साथ ₹5,000 के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
