■ उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार ने जारी किया नोटिस
■ नोटिस में कहा, आयोग में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दें, कि क्यों नहीं किया आदेश का अनुपालन
■ आदेश का अनुपालन न करने पर गिरफ्तारी वारंट जारी करने की चेतावनी
आगरा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम के अध्यक्ष सर्वेश कुमार ने यमुना एक्सप्रेस वे के सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) अरुण वीर सिंह को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उन्हें आयोग में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है कि क्यों उन्होंने आयोग द्वारा पारित आदेश का अनुपालन नहीं किया। साथ ही, आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि आदेश का अनुपालन नहीं किया गया तो गिरफ्तारी वारंट जारी करने के लिए आयोग बाध्य होगा।
यह मामला वादी मुकदमा सुमित उपाध्याय का है, जो नेहरू एंक्लेव, शमसाबाद रोड, आगरा के निवासी हैं। वादी ने यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा द्वारा संचालित आरपीएस 5004 स्कीम के तहत एक हजार वर्गमीटर के आवासीय भूखंड के लिए आवेदन किया था। वादी ने 16 लाख 55 हजार रुपये का भुगतान यस बैंक, सदर बाजार शाखा के माध्यम से किया था।
इस बीच, कोविड-19 के कारण 2021 में स्कीम का आवंटन नहीं हो सका, और न ही कोई नई तिथि घोषित की गई। बाद में 7 जुलाई 2021 को वादी के नाम भूखंड आवंटित किया गया, लेकिन वादी को इस आवंटन की कोई सूचना नहीं दी गई। वादी के कोरोना संक्रमित होने के कारण, 14 जुलाई 2021 को विपक्षी ने मनमानी तरीके से आवंटन निरस्त कर दिया।
वादी ने कई बार विपक्षी से भूखंड आवंटन की मांग की, और शेष राशि भी जमा करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन विपक्षी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद वादी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में मुकदमा दायर किया। आयोग ने 8 नवंबर 2023 को वादी के पक्ष में आदेश पारित किया, जिसमें विपक्षी को नई योजना में वादी को भूखंड आवंटित करने और मानसिक कष्ट एवं वादव्यय के रूप में वादी को 1 लाख 10 हजार रुपये देने का आदेश दिया।
इसके बावजूद, विपक्षी ने आदेश का पालन नहीं किया, और उन्होंने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की, जिसे राज्य आयोग ने निरस्त कर दिया। इसके बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने विपक्षी को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आदेश दिए, लेकिन जब इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया, तो आयोग ने यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ को नोटिस जारी किया।
आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार ने नोटिस में स्पष्ट किया कि यदि आदेश का अनुपालन नहीं होता है, तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 72 के तहत सीईओ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा।
