सरकारी दफ्तरों में अब बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वालों की एंट्री होगी बैन, जानिए नए नियम

BRAJESH KUMAR GAUTAM
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सरकारी दफ्तरों में अब बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वालों की एंट्री होगी बैन, जानिए नए नियम

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अब सरकारी दफ्तरों में बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के ऑफिस जाने पर सख्त पाबंदी लगाई गई है। यह कदम राज्य में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और परिवहन व्यवस्था को सुधारने के लिए उठाया गया है। यह निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हाल ही में सड़क सुरक्षा पर आयोजित बैठक के बाद जारी किए गए हैं। इन नए नियमों के तहत अब बाइक सवारों को हेलमेट और कार चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं, जिन्हें हर नागरिक को गंभीरता से पालन करना होगा।

बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के सरकारी दफ्तरों में एंट्री बैन

अब लखनऊ के सरकारी दफ्तरों में यदि कोई कर्मचारी या नागरिक बिना हेलमेट के बाइक से या बिना सीट बेल्ट के कार से आता है, तो उसकी एंट्री पर पाबंदी लगा दी जाएगी। यह फैसला सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठक के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने प्रदेश में सड़क हादसों को रोकने के लिए सख्त नियम लागू करने का आह्वान किया।

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“No Helmet, No Fuel” – अब पेट्रोल पंपों पर भी होगी सख्ती

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि अब कोई भी बाइक सवार अगर हेलमेट लगाए बिना पेट्रोल पंप पर पहुंचेगा, तो उसे पेट्रोल नहीं मिलेगा। यानी कि अब “No Helmet, No Fuel” नीति लागू की जा रही है। यह कदम सड़क पर सुरक्षा को बढ़ाने और सड़क हादसों की संख्या में कमी लाने के लिए उठाया गया है। यह फैसला बाइक सवारों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करेगा और सड़क पर सुरक्षा के नियमों का पालन कराने में मदद करेगा।

स्कूलों के वाहनों पर भी होगा कड़ा नजर

न सिर्फ बाइक और कार चालकों के लिए, बल्कि स्कूलों के वाहनों को लेकर भी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि अब सभी स्कूलों को अपने वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन कराना होगा। इसके अलावा स्कूलों के वाहन के चालकों के लिए भी सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। अब स्कूलों के वाहनों का चालान भी किया जाएगा यदि वे यातायात नियमों का उल्लंघन करेंगे।

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गुलाब का फूल मिलेगा उल्लंघन करने वालों को

इस बीच, एक मजेदार निर्देश भी दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति बिना हेलमेट के बाइक चला रहा होगा या कार में सीट बेल्ट नहीं लगाए होगा, तो उसे चौराहे पर रोककर गुलाब का फूल दिया जाएगा। यह फूल न केवल उसे एक चेतावनी के रूप में दिया जाएगा, बल्कि उसे सड़क सुरक्षा के नियमों के पालन करने की भी सलाह दी जाएगी। यह एक तरह से नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का तरीका है, ताकि लोग नियमों का पालन करें और सड़क दुर्घटनाओं से बचें।

स्कूली वाहनों की चेकिंग होगी सख्त

अब से स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय स्कूली वाहनों की चेकिंग चेक लिस्ट के मुताबिक की जाएगी। स्कूली वाहनों को अब नियमित तौर पर चेक किया जाएगा और यदि कोई स्कूल वाहन यातायात नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका चालान किया जाएगा। यह कदम बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है ताकि स्कूल वाहन सुरक्षित और नियमों के अनुसार चलें।

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सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए इन फैसलों का महत्व

सड़क सुरक्षा के ये सारे निर्देश राज्य में सड़क हादसों की संख्या को कम करने के उद्देश्य से दिए गए हैं। हाल ही में केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सड़क हादसों में होने वाली मौतों को लेकर चिंता जताई थी। ऐसे में मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा नियमों को कड़ाई से लागू करने का फैसला लिया है। इन नियमों के तहत लोगों से यातायात के नियमों का पालन करने की अपील की गई है ताकि सड़क पर सुरक्षा बनी रहे और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

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