किरावली। थाना अछनेरा पुलिस की कथित “बेहतर पुलिसिंग” की हकीकत तब उजागर हुई, जब आठ जुलाई को हुई बाइक चोरी की रिपोर्ट तत्काल दर्ज करने में पुलिस विफल रही और मुकदमा तब जाकर लिखा गया जब मथुरा ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से चोरी की बाइक पकड़ी गई।

मामला थाना अछनेरा क्षेत्र के कचौरा गांव का है, जहां के निवासी राहुल पुत्र रामपति की बाइक (UP 80 FH 4366) गांव के जनसेवा केंद्र के बाहर से चोरी हो गई थी। राहुल ने उसी शाम थाने पहुंचकर घटना की तहरीर दी और वाहन की आरसी भी संलग्न की, मगर स्थानीय हल्का इंचार्ज ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।

बीती रात्रि मथुरा जिले के नरौली थाना क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट दौड़ती एक बाइक को रोका गया। संदिग्ध प्रतीत होने पर चालक से पूछताछ की गई और बाइक का चेसिस नंबर निकलवाकर असली मालिक की जानकारी प्राप्त की गई। जब राहुल से संपर्क किया गया, तो उसने बताया कि यही बाइक दो दिन पहले चोरी हुई थी।ट्रैफिक पुलिस ने चालान के लिए बाइक चालक की फोटो खींची थी, जो बाद में राहुल द्वारा पहचानने में सहायक साबित हुई। चोर पुलिस को चकमा देकर वहां से भाग निकला, लेकिन तस्वीर से पहचान के बाद अछनेरा पुलिस हरकत में आई और शुक्रवार सुबह आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।इस बीच चर्चा का विषय यह बना कि चोरी की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्यवाही क्यों नहीं की? पीड़ित राहुल ने बताया कि अब पुलिस दोबारा तहरीर मांग रही है, जबकि घटना की तारीख पहले से दर्ज है। थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार द्विवेदी ने सफाई देते हुए कहा, “घटना की तारीख वही मानी जाएगी जो वास्तविक है, लेकिन मुकदमा दर्ज आज की तिथि में किया गया है।”पुलिस ने शुक्रवार को दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।इस मामले ने थाना अछनेरा की पुलिसिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि ट्रैफिक पुलिस सतर्क न होती, तो न बाइक बरामद होती और न चोर पकड़ में आता।
