जैथरा (एटा)। विकासखंड जैथरा के समोगर गांव में कराए जा रहे इंटरलॉकिंग निर्माण ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। सरकारी धन से हो रहे इस निर्माण कार्य में मानकों की सरेआम अनदेखी का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने सांकेतिक प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का साफ कहना है कि इसके निर्माण में भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार इंटरलॉकिंग मार्ग के निर्माण में न तो तय मानकों के अनुसार खुदाई की गई और न ही आवश्यक बेस तैयार किया गया। मिट्टी ऊपर ही इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना तकनीकी निगरानी के जल्दबाजी में काम निपटाया जा रहा है, ताकि गुणवत्ता पर उठने वाले सवालों को दबाया जा सके।
आक्रोशित ग्रामीणों ने सीधे तौर पर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों की मिलीभगत से घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रही है। शिकायत करने पर भी जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश और गहरा गया है।
प्रदर्शन के दौरान धर्मवीर, कौशल कुमार, दिनेश, दुर्गेश, रतन सिंह सोलंकी, अनोज शर्मा, अंशुल, सत्यम शर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि यदि यही हाल रहा तो यह सड़क पहली बरसात भी नहीं झेल पाएगी।
ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि निर्माण कार्य को तत्काल रोककर मानकों के अनुरूप दोबारा नहीं कराया गया, तो वे खंड विकास अधिकारी से लेकर जिला स्तर तक शिकायत करेंगे। जरूरत पड़ी तो विकासखंड कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।
