तीन बार बना सीमांकन दल, रिपोर्ट न मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश
किरावली (आगरा)। तहसील क्षेत्र के ग्राम विधापुर में भू-माफिया के कथित अवैध कब्जे के खिलाफ ग्राम प्रधान शिवराज सिंह व ग्रामीण संघर्षरत हैं। प्रधान ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि भू-माफिया धनबल, राजनीतिक प्रभाव और हथियारों के दम पर ग्राम सभा विधापुर की भूमि (गाटा संख्या 165, एनएच-21) पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रधान ने उपजिलाधिकारी किरावली पर आरोप लगाया कि राजस्व निरीक्षकों पर बार-बार पुनः सीमांकन कराने का दबाव बनाया जा रहा है।जानकारी के अनुसार, राजस्व निरीक्षक द्वारा अंजू इंदौलिया के खिलाफ थाना किरावली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप था कि गाटा संख्या 165 के कुल 0.1730 हेक्टेयर क्षेत्रफल में से 0.0069 हेक्टेयर भूमि पर अवैध पक्का निर्माण किया गया।
प्रधान का आरोप है कि 24 जनवरी 2025 को जबरन निर्माण कार्य शुरू किया गया था, जिसे उनके विरोध के बाद रोका गया। इस दौरान प्रधान पर हथियार तानने की घटना भी सामने आई, जिसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज है।इसके बाद प्रशासन द्वारा सीमांकन कराया गया, लेकिन सीमांकन रिपोर्ट अब तक ग्राम प्रधान को उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस देरी को लेकर प्रधान ने भ्रष्टाचार की आशंका जताई है।15 फरवरी 2025 को तहसील दिवस में प्रधान ने जिलाधिकारी से अवैध कब्जे पर कठोर कार्रवाई तथा सीमांकन रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की थी। आरोप है कि प्रशासन ने केवल औपचारिकताएं में खाना पूर्ति की गई है।तीन बार सीमांकन दल के बावजूद रिपोर्ट में पारदर्शिता नहीं दिखाई गई और बार-बार नई टीम गठित की जा रही है, जिससे संदेह गहरा रहा है। उन्होंने उपजिलाधिकारी की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।इस पूरे घटनाक्रम से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उन्होंने ग्राम सभा की भूमि को भू-माफिया से बचाने तथा अवैध कब्जे रोकने के लिए प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग की है।
इनका कहना है।
सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, बल्कि मात्र धारा 67 के तहत कार्रवाई की गई। कथित रूप से उपजिलाधिकारी द्वारा ‘सेवा शुल्क’ के माध्यम से बार-बार सीमांकन दल गठित कर अवैध कब्जाधारियों को अनुचित लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
— शिवराज सिंह, प्रधान ग्राम पंचायत विधापुर
सीमांकन में विभिन्न रिपोर्टें सामने आई हैं और विवादित भूमि पर रेलवे की भी दावेदारी है। रेलवे, एनएचएआई और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाकर स्थल का पुनः सीमांकन कराकर मामले का निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
— राजेश कुमार जयसवाल, उपजिलाधिकारी किरावली
