झांसी। टोक्यो ओलंपिक में अपने साहस से दुनिया को हैरान करने वाले और अर्जुन अवॉर्डी बॉक्सर सतीश कुमार यादव ने नवोदित खिलाड़ियों को जीत का बड़ा मंत्र दिया है। झांसी के मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित स्पोर्ट्स हॉस्टल चयन ट्रायल्स में बतौर चयन समिति अध्यक्ष पहुंचे सतीश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं में बॉक्सिंग की जबरदस्त प्रतिभा है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और हेवीवेट वर्ग में उतरने के साहस की जरूरत है।
तिरंगे की शान के आगे जख्मों का डर कैसा?
खेल विश्लेषक बृजेंद्र यादव से विशेष बातचीत के दौरान सतीश कुमार ने टोक्यो ओलंपिक की उस ऐतिहासिक बाउट को याद किया, जिसने हर भारतीय की आंखें नम कर दी थीं। विश्व चैंपियन बाखोदिर जालोलोव के खिलाफ रिंग में उतरने से पहले डॉक्टरों ने उन्हें सात टांके लगे होने के कारण मना किया था।
सतीश ने भावुक होते हुए कहा:
“मेरे मन में डर रत्ती भर भी नहीं था। जब पूरा देश मुझसे पदक की उम्मीद लगाए बैठा हो, तो तिरंगे की शान के आगे पीछे हटना मुमकिन नहीं था। रिंग में खून बह रहा था, लेकिन मेरा जुनून देश के लिए लड़ने का था। अफसोस बस इस बात का है कि मैं उस दिन मेडल नहीं जीत सका।”
कुश्ती-कबड्डी से ‘रिंग के बादशाह’ बनने तक का सफर
बुलंदशहर के एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले सतीश यादव ने बताया कि बचपन में उनका बॉक्सिंग से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था। वे केवल शरीर को स्वस्थ रखने के लिए गांव में कुश्ती, कबड्डी और क्रिकेट खेला करते थे।
किस्मत का मोड़: सेना में भर्ती होने के बाद रानीखेत में उनकी पहली पोस्टिंग हुई।
कद-काठी का कमाल: वहां के बॉक्सिंग कोच ने सतीश की लंबी-चौड़ी कद-काठी देखकर उन्हें इस खेल के लिए प्रेरित किया।
सफलता: सेना की ट्रेनिंग और कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने सर्विसेज टीम का प्रतिनिधित्व किया और नेशनल चैंपियनशिप से होते हुए ओलंपिक तक का सफर तय किया।
यूपी के बॉक्सरों में है मेडल जीतने का दम
चयन ट्रायल्स के दौरान सतीश ने उत्तर प्रदेश की खेल प्रतिभा की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गांवों और कस्बों में प्रतिभावान बॉक्सरों की कमी नहीं है। उन्हें बस आधुनिक तकनीक और सही दिशा में तराशने की आवश्यकता है। उन्होंने युवा बॉक्सरों को सलाह दी कि वे हेवीवेट (Heavyweight) वर्ग की चुनौतियों से घबराएं नहीं, बल्कि इस भार वर्ग में खुद को चैंपियन के रूप में स्थापित करें।
उपलब्धियों पर एक नज़र
सतीश कुमार यादव भारतीय बॉक्सिंग का एक ऐसा नाम हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है:
अर्जुन अवार्ड: 2018 में भारत सरकार द्वारा सम्मानित।
नेशनल चैंपियनशिप: 5 बार के पदक विजेता।
एशियाई खेल: एशियाई खेलों में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
ओलंपिक: टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले सुपर हेवीवेट बॉक्सर।
