किरावली, आगरा: अछनेरा नगर पालिका में व्याप्त अव्यवस्थाओं से कस्बे का विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच सामंजस्य की कमी के कारण आमजन मूलभूत सुविधाओं से वंचित होते जा रहे हैं, और अब नगर पालिका की बदहाल स्थिति खुलकर सामने आ गई है।
शनिवार को तहसील सभागार में आयोजित समाधान दिवस में नगर पालिका के सभी सभासद एकजुट होकर पहुंचे। उन्होंने समाधान दिवस के नोडल अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर कस्बे की ज्वलंत समस्याओं से निजात दिलाने की मांग की। इसमें सबसे प्रमुख समस्या खुले में बह रही सीवर का पानी है, जिससे कस्बेवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी पर गंभीर आरोप

सभासदों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, पिछले बीस दिनों से सीवर का पानी सड़कों पर बह रहा है। अधिकांश सीवर टैंक ओवरफ्लो हो चुके हैं, जिससे सड़कों पर भीषण दुर्गंधयुक्त गंदा पानी फैल गया है। यह स्थिति संक्रामक बीमारियों को जन्म दे रही है, जिससे स्वास्थ्य संकट गहरा रहा है।
सभासदों ने नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोनों अधिकारी सफाई व्यवस्था पर नियंत्रण रखने में पूरी तरह विफल हैं। वे अपने वातानुकूलित कार्यालयों से बाहर निकलकर जमीनी हालात का निरीक्षण करना भी जरूरी नहीं समझते, जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।
मानसून से पहले जलभराव का गहराया संकट

सभासदों ने चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे। इस दौरान रामेश्वर वर्मा, शिवा माहौर, पवन छौंकर, रजनी देवी, शीला देवी, किशन सिंह, मुकेश धनगर, विमलेश, गुलशन गर्ग सहित कई सभासद उपस्थित रहे।
सभासदों के अनुसार, नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही चरम पर है। मानसून निकट है, लेकिन कस्बे के प्रमुख नालों की तलीझाड़ सफाई अभी तक अधूरी पड़ी है। नालों में जमी सिल्ट और गाद के कारण जल निकासी अवरुद्ध है, जिससे भारी जलभराव की आशंका प्रबल हो गई है। इसके साथ ही, सीवर की समस्या भी जस की तस बनी हुई है, जो मानसून में स्थिति को और बदतर बना सकती है।

इस संबंध में उप जिलाधिकारी किरावली, नीलम तिवारी ने कहा है कि सभासदों की शिकायत का संज्ञान ले लिया गया है और संबंधित अधिकारियों को समाधान हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया जाएगा और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
