मेरठ: प्राथमिक विद्यालय रजपुरा में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के नवीन नामांकन को प्रोत्साहित करने के लिए एक भव्य “स्कूल चलो अभियान” रैली का आयोजन किया गया। यह आयोजन शिक्षा के महत्व को लोगों तक पहुँचाने, बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करने और समाज में समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था।
रैली का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पुष्पा यादव ने किया। इस आयोजन में विद्यालय के सभी छात्रों, अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्यों और गांववासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का मुख्य उद्देश्य गांव में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना और विशेष रूप से उन बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना था जो अब तक किसी कारणवश विद्यालय नहीं जा पाए थे।
रैली का उद्देश्य और संदेश
रैली के दौरान बच्चों ने “शिक्षा का अधिकार”, “बालिका शिक्षा है जरूरी”, “वंचित वर्ग का नामांकन करें” और “हर बच्चा शिक्षित हो, समृद्ध समाज बने” जैसे प्रेरणादायक नारे लगाए। बच्चों के इस जोश और उत्साह ने गांववासियों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने बच्चों का नामांकन प्राथमिक विद्यालय में अवश्य कराएँ, ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो सके। रैली के मार्ग पर गाँव की गलियों से गुजरते हुए यह संदेश दिया गया कि शिक्षा सिर्फ एक अधिकार नहीं, बल्कि समाज के विकास की कुंजी है।
प्रधानाध्यापिका का संदेश
प्रधानाध्यापिका पुष्पा यादव ने अपने संबोधन में कहा, “शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। मैं सभी अभिभावकों से अनुरोध करती हूँ कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजें। इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ नामांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का एक कदम है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जो भी बच्चे विद्यालय में नामांकित होंगे, उन्हें न केवल अच्छी शिक्षा मिलेगी, बल्कि उन्हें निःशुल्क पुस्तकें, मध्याह्न भोजन, गणवेश और अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी प्रदान की जाएँगी।”
रैली में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति
रैली में विद्यालय की शिक्षिकाएं कविता त्यागी, निशा शर्मा, पूजा, करुणा, सनोवर, अन्नू, संजना, खुशी, निशा यादव, दृष्टि, भगवान सहाय सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे। इन सभी ने इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बच्चों के बीच शिक्षा के महत्व को समझाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया।
समावेशी शिक्षा का संदेश
“स्कूल चलो अभियान” रैली का एक और महत्वपूर्ण उद्देश्य था, समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना। इस अभियान के तहत विशेष ध्यान उन बच्चों पर दिया गया, जो किसी कारणवश विद्यालय नहीं जा पा रहे थे, जैसे आर्थिक कारणों से या फिर सामाजिक कारणों से। रैली ने यह संदेश दिया कि सभी बच्चों को समान अवसर मिलना चाहिए और हर बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है।
अभियान का प्रभाव
रैली ने स्थानीय समुदाय को शिक्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अभिभावकों को यह समझाया कि बच्चों को स्कूल भेजने से समाज में सकारात्मक बदलाव आता है। इस रैली के माध्यम से लोगों में यह जागरूकता आई कि शिक्षा न केवल बच्चों का अधिकार है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक सदस्य की जिम्मेदारी भी है।
“स्कूल चलो अभियान” के इस भव्य आयोजन ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया और यह सुनिश्चित किया कि गांव के हर बच्चे को एक अच्छी शिक्षा मिले। प्रधानाध्यापिका पुष्पा यादव के नेतृत्व में विद्यालय ने इस अभियान को पूरी सफलता के साथ आयोजित किया और उम्मीद जताई कि इस प्रयास से ज्यादा से ज्यादा बच्चे विद्यालय में दाखिला लेंगे और शिक्षा की दिशा में एक नया कदम उठाएँगे।
इस अभियान के अंतर्गत, अब सभी ग्रामीणों से अपील की जाती है कि वे अपने बच्चों को शिक्षा की ओर प्रोत्साहित करें और इस दिशा में हर संभव सहयोग प्रदान करें ताकि उत्तर प्रदेश में “हर बच्चा शिक्षित हो” का सपना साकार हो सके।