आगरा के दयालबाग में प्रो. प्रेम सरन सतसंगी साहब की उपस्थिति में लोहड़ी का पर्व मनाया गया। जेंडर-फ्री सुपर ह्यूमन और DEI छात्रों की प्रस्तुतियों ने सबको मंत्रमुग्ध किया।
आगरा । ताजनगरी के आध्यात्मिक केंद्र दयालबाग में आज लोहड़ी का पावन पर्व अपार हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस उत्सव की सबसे अनूठी बात ‘सेवा और सुमिरन’ का संगम रही, जहाँ खेतों में कृषि कार्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहर की झलक देखने को मिली।
मुख्य आकर्षण: जेंडर-फ्री सुपर ह्यूमन की भागीदारी

उत्सव का मुख्य केंद्र बिंदु ‘जेंडर-फ्री सुपर ह्यूमन’ (3 सप्ताह से 12 वर्ष की आयु के बच्चे) रहे। अपनी रंग-बिरंगी और पारंपरिक भेष-भूषा में सजे इन नन्हे बच्चों ने अपनी मासूमियत और कला से सभी का मन मोह लिया। ये बच्चे परम पूज्य हुज़ूर प्रो. प्रेम सरन सतसंगी साहब के सानिध्य में लोहड़ी मनाने के लिए अत्यंत उत्साहित दिखे।
हुज़ूर प्रो. प्रेम सरन सतसंगी साहब की गरिमामयी उपस्थिति

प्रातःकाल “डन ट्यूबवेल, विद्युत नगर” स्थित खेतों पर सतसंगी भाई-बहनों ने ‘प्लांटेशन मेंटेनेंस’ (वृक्षारोपण रखरखाव) के साथ दिन की शुरुआत की। जैसे ही परम पूज्य गुरुमहाराज एवं परम आदरणीय रानी साहिबा जी का आगमन हुआ, पूरा क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम
लोहड़ी महोत्सव को तीन चरणों में विभाजित किया गया था
प्रथम चरण: खेतों में नन्हे बच्चों द्वारा भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दी गईं।
द्वितीय चरण: प्रातः 8 बजे विद्युत नगर पर डी.ई.आई. (DEI) के विद्यार्थियों ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
तृतीय चरण: दोपहर में पुनः विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें जोश और उमंग का अनूठा मेल दिखा।
वैश्विक स्तर पर 580 केंद्रों पर सजीव प्रसारण
दयालबाग का यह लोहड़ी उत्सव स्थानीय न रहकर वैश्विक बन गया। आधुनिक तकनीक के माध्यम से देश-विदेश के लगभग 580 केंद्रों पर इसका सजीव प्रसारण (Live Streaming) किया गया। विश्वभर की विभिन्न शाखाओं ने वीडियो लिंक के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक झलकियाँ साझा कीं, जो वैश्विक सत्संग समुदाय की एकता को दर्शाता है।
दिव्य दर्शन और समापन
उत्सव के अंत में, परम पूज्य हुज़ूर ने ई.वी. (E.V.) के माध्यम से वापस पावन कोठी की ओर प्रस्थान किया। मार्ग में उन्होंने अपनी अलौकिक दिव्य दृष्टि से वहां उपस्थित हजारों भक्तजनों को निहाल किया।
