आगरा के जिलाधिकारी भानु चन्द्र गोस्वामी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने जननी सुरक्षा, टीकाकरण, दवाओं की उपलब्धता आदि पर चर्चा की और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
बैठक में जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गत वर्ष के सापेक्ष माह दिसम्बर में विकास खण्ड शमशाबाद, जैतपुर कला, बरौली अहीर, फतेहपुर सीकरी व खन्दौली की प्रगति ठीक नहीं मिली है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि आशा सहायतित प्रसव सेवा में उल्लेखनीय प्रगति न होना बताता है कि आशा व एमओआईसी द्वारा गम्भीरता पूर्वक कार्य नहीं किया जा रहा है। उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों में प्रसव कराने वाली आशाओं व एमओआईसी पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
बैठक में जननी सुरक्षा व पीएम मातृ वंदना योजना में लापरवाही करने, कुल 2543 लाभार्थियों में से शेष 1052 लाभार्थियों का समय से भुगतान न करने पर जिलाधिकारी ने एमओआईसी फतेहाबाद को तत्काल प्रभाव से हटाने, वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
बैठक में आशाओं के भुगतान में ब्लॉक शमशाबाद, खेरागढ़, खन्दौली, फतेहाबाद की प्रगति ठीक नहीं मिली। जिलाधिकारी ने आशा, लिंक वर्कर्स आदि से कहा कि वे अपनी ड्यूटी में लापरवाही न करें।
बैठक में मातृ मृत्यु दर की समीक्षा की गई, जिसमें बताया गया कि जनपद में 03 मातृ मृत्यु दर्ज की गई है। जिलाधिकारी ने इस पर चिंता जताई और कहा कि मातृ मृत्यु को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में सिजेरियन केस की समीक्षा में भी स्थित संतोषजनक मिली। बैठक में संपूर्ण टीकाकरण की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विगत बैठक में सभी सीएचसी, पीएचसी प्रभारी को कार्यस्थल पर रहने के सख्त निर्देश के साथ ऐसे सभी एमओआईसी के कार्यस्थल पर उपस्थित न रहने वालों के विरुद्ध सीएमओ को कार्यवाही के निर्देश दिए।
बैठक में सिक न्यू वोर्न के एन यूनिट, फैमिली प्लानिंग, मंत्रा एप, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अन्तर्गत ड्यू लिस्ट की प्रगति संतुष्टजनक न होने पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सरकारी अस्पतालों में दवाओं की सुचारू आपूर्ति की रिपोर्ट तलब की तथा मुख्य चिकित्साधिकारी तथा सभी एमओआईसी को निर्देश दिए कि आमजन को दवाओं की कोई कमी न हो, उन्हें बार से दवा न खरीदनी पड़े, अतः स्टॉक समाप्ति से पूर्व अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति हेतु रिपोर्ट भेजकर दवाओं की उपलब्धता कड़ाई से सुनिश्चित करें।