खेरागढ़ | पूर्व माध्यमिक विद्यालय कैंथोली, ब्लॉक खेरागढ़ द्वारा छात्र-छात्राओं के लिए एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत बच्चों को ऐतिहासिक नगर फतेहपुर सीकरी ले जाया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को कक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ ऐतिहासिक इमारतों, स्थापत्य कला और भारतीय विरासत के प्रत्यक्ष ज्ञान से अवगत कराना था।
समाजसेवियों ने दी शुभकामनाएँ
भ्रमण दल के प्रस्थान के समय खेरागढ़ क्षेत्र के समाजसेवियों ने बच्चों को उत्साहपूर्वक शुभकामनाएँ दीं और सुरक्षित एवं ज्ञानवर्धक यात्रा की कामना की। बच्चों में यात्रा को लेकर उत्साह देखते ही बन रहा था।
प्रधानाध्यापिका और शिक्षक का मार्गदर्शन
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका बन्दना राजपूत एवं अध्यापक सूरज शर्मा के संयोजन में यह भ्रमण सुचारू रूप से आयोजित किया गया। दोनों शिक्षकों ने पूरे कार्यक्रम की जिम्मेदारी संभालते हुए बच्चों को अनुशासन, यात्रा के नियमों और ऐतिहासिक स्थलों के महत्व के बारे में मार्गदर्शन दिया।
छात्रों ने देखी मुगल स्थापत्य की भव्यता
फतेहपुर सीकरी पहुंचने पर छात्रों ने कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक इमारतों का अवलोकन किया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे—
पंच महल
बुलंद दरवाज़ा
शेख सलीम चिश्ती की दरगाह
दीवान-ए-खास
दीवान-ए-आम
अनूप तालाब
जोधाबाई महल
छात्रों ने इन भव्य इमारतों के बारे में गहरी रुचि दिखाई और उनकी स्थापत्य शैली, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं मुगलकालीन महत्व के बारे में जानकारियाँ प्राप्त कीं।
गाइड ने दी इतिहास की विस्तृत जानकारी
स्थानीय गाइड ने बच्चों को फतेहपुर सीकरी के निर्माण काल, अकबर के शासनकाल की घटनाओं, स्थापत्य विशेषताओं तथा इन इमारतों के सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। गाइड के वर्णन से छात्रों के भीतर इतिहास के प्रति जिज्ञासा और अधिक बढ़ी।
छात्रों में दिखा उत्साह और खुशी
पूरे भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बनता था। कई छात्र पहली बार इतने ऐतिहासिक स्थलों को प्रत्यक्ष रूप से देख रहे थे, जिससे उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। यात्रा के दौरान बच्चों ने मनोरंजन भी किया और अपने साथ अविस्मरणीय यादें लेकर लौटे।
इतिहास से सीधा साक्षात्कार
इस शैक्षिक भ्रमण का सबसे बड़ा लाभ यह रहा कि छात्रों को पुस्तकों में पढ़ाए गए महत्त्वपूर्ण तथ्यों को वास्तविक रूप से देखने और समझने का अवसर मिला। इस अनुभव ने न केवल उनका ज्ञान बढ़ाया, बल्कि देश के गौरवशाली इतिहास के प्रति सम्मान और गर्व की भावना भी प्रबल की।
