एटा। जनपद एटा के एक गांव में सामने आए हैरान कर देने वाले प्रकरण ने सोचने को मजबूर कर दिया है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान जबर सिंह से महज 20 रुपये न देने पर अस्पताल के कंपाउंडर ने उसकी गाय ही बेच डाली। किसान तीन दिन तक गाय की तलाश करता रहा, बाद में एक व्यक्ति के यहां गाय मिली।
घटना के अनुसार कैल्ठा निवासी किसान जबर सिंह पुत्र मौजीराम अपनी बीमार गाय को इलाज के लिए पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचा। जांच के नाम पर कंपाउंडर ने 20 रुपये की मांग की। किसान ने पैसे न होने की बात कहते हुए घर से लाने की बात कही और गाय को अस्पताल में बांधकर लौट गया। गेहूं बेचकर उसने 20 रुपये जुटाए और तुरंत वापस पहुंचा, लेकिन गाय वहां से गायब थी।
तीन दिन बाद मिली गाय
किसान ने आसपास और गांव-गांव खोजबीन की। तीन दिन बाद उसकी गाय गांव में ही रहने वाले राजपाल पुत्र रघुवीर के यहां बंधी मिली। जबर सिंह के सवाल पूछने पर राजपाल ने बताया कि उसने गाय को कंपाउंडर से 10 हजार रुपये में खरीदा है। यह सुनकर किसान के होश उड़ गए।
एक माह में प्रजनन के लिए तैयार थी गाय
पीड़ित किसान ने बताया कि गाय लगभग एक माह में प्रजनन के लिए तैयार थी। इससे घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद थी, लेकिन कंपाउंडर ने उसके जीवन का सहारा ही छीन लिया।
घटना की जानकारी फैलते ही पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पीड़ित किसान ने संबंधित विभाग से शिकायत कर गाय वापस दिलाने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं ग्रामीण चिकित्सा सेवाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की है। अब देखना यह है कि शिकायत के बाद किसान को न्याय मिल पाता है या नहीं।
