जैथरा (एटा)। श्री गांधी सार्वजनिक इंटर कॉलेज जैथरा के क्रीड़ा स्थल पर हुए अवैध निर्माण की जांच अब ठंडे बस्ते में चली गई है। प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने आनन फानन में निर्माण कार्य बंद कर दिया था। सोशल मीडिया पर भूमि पूजन का वीडियो वायरल होने के बाद इसमें संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही थी, मगर ऐसा क्या हुआ कि प्रशासन की सख्ती ठंडी पड़ गई। करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी भूमि पर खुलेआम कब्जे की साजिश चलती रही, और अफसर फाइलों में जांच दबाए बैठे हैं।
इस पूरे प्रकरण पर जनप्रतिनिधियों में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष विजेंद्र सिंह चौहान ने सबसे पहले आवाज उठाई थी। उन्होंने प्रशासन से सख्त जांच की मांग करते हुए कहा था कि सरकारी भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए है, किसी के निजी स्वार्थ के लिए नहीं। उन्होंने खुलकर आरोप लगाया था कि इस जमीन पर अवैध निर्माण कुछ प्रभावशाली लोगों की दुरभि संधि से हुआ है।
नगर लोगों का कहना है कि वीडियो में भूमि पूजन के स्पष्ट दृश्य मौजूद हैं, जिससे साफ जाहिर होता है निर्माण कार्य पूरे विधि विधान से कराया जाना तय था। फिर भी कोई कार्रवाई न होना सवाल खड़ा करता है। अब नगर में यह चर्चा तेज है कि आखिर जांच रिपोर्ट कहाँ गायब हो गई और अफसर किसके दबाव में खामोश हैं।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बार-बार यह संदेश दे चुके हैं कि भू-माफिया के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं है। सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों पर बुलडोजर जरूर चलेगा। मगर जैथरा में मुख्यमंत्री के इस सख्त संदेश का असर फिलहाल नजर नहीं आ रहा। जिससे नगर में जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है।
