जैथरा,एटा: जहां गौ सेवा को सदा से धर्म और करुणा की सर्वोच्च भावना माना गया है। शास्त्रों में गौ माता को अन्नदायिनी, सुख-समृद्धि की प्रतीक और जीवन का आधार बताया गया है। लेकिन जब यही गौवंश लापरवाही और उपेक्षा का शिकार है, तो यह न केवल व्यवस्था पर प्रश्न खड़ा करता है बल्कि समाज के संवेदनहीन होते जाने का भी संकेत देता है।
नगर पंचायत जैथरा स्थित कान्हा गौशाला की ऐसी ही दुर्दशा इन दिनों चर्चा में है। सोशल मीडिया पर एक बीमार गाय का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह बेसहारा हालत में तड़पती नजर आ रही है। वीडियो देखने के बाद लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। गौशाला की जमीनी हकीकत अब सबके सामने आ गई है।
गौरतलब है कि योगी सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में गौ सेवा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक नगर पंचायत में गौशालाओं के रखरखाव और प्रबंधन के लिए विशेष बजट भी आवंटित किया गया है। इसके बावजूद जैथरा की गौशाला में हालात जस के तस बने रहना नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
लोगों का कहना है कि गौशाला में बीमार गौवंश की देखभाल की उचित व्यवस्था नहीं है। कई गायें गंदगी और बदबू के बीच पड़ी दिखाई देती हैं, जिससे संक्रमण फैलने का भी खतरा हमेशा बना रहता है।
करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी नतीजा सिर्फ ढकोसले तक सीमित है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो यह गौशाला सबसे अधिक गोवंश की मौतों के मामले में सबसे आगे निकल जाएगी।
नगर के लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर तत्काल जांच कराई जाए और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
फोटो-फोटो का चल रहा खेल, वायरल वीडियो में खुली पोल –
जैथरा नगर पंचायत में फोटो-फोटो का खूब खेल चल रहा है। जमीनी हालात चाहे बदहाली की दास्तां बयां कर रहे हों, परन्तु फोटो में सब कुछ अच्छा नजर आता है। इस फोटो-फोटो के खेल में अधिकारियों को जमीनी हालात से दूर रखा जा रहा है। गौशाला के बाहर तड़पती मिली गाय इसका उदाहरण है।
वायरल वीडियो के अनुसार कान्हा गौशाला, जैथरा में एक बीमार गाय को रात के अंधेरे में कर्मचारी ने गौशाला से बाहर फेंक दिया। गाय के शरीर पर जगह-जगह गहरे घाव थे, जिनमें कीड़े पड़ चुके थे।वायरल वीडियो में दिख रही बीमार गाय लंपी वायरस से संक्रमित बताई जा रही है। तड़पती हालत में उसे सड़क किनारे पड़ा देख राहगीरों का दिल पसीज गया। किसी ने उसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी और देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। बताया जा रहा है कि जब भी गौशाला में कोई गाय मर जाती है, तो कर्मचारी रात में उसे आसपास के सुनसान इलाकों में फेंककर ठिकाने लगा देते हैं। गौशाला प्रशासन इस पर मौन है, जिससे संदेह और गहरा गया है।
कान्हा गौशाला की यह तस्वीर याद दिलाती है कि गौ सेवा केवल दिखावे का विषय नहीं है।यह हमारी संस्कृति, संवेदना और व्यवस्था की असली परीक्षा है।
