153 डेबिट कार्ड व नकदी बरामद; यूपी के 26 जिलों सहित कई राज्यों में 150 से अधिक लोगों को बनाया शिकार
अग्र भारत संवाददाता
आगरा। एटीएम से रुपये निकालने आए लोगों के डेबिट कार्ड बदलकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों को थाना साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी एटीएम मशीन में फेविक्विक लगाकर कार्ड फंसा देते थे और मदद के बहाने पिन पूछकर कार्ड बदल लेते थे।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में साउथ दिल्ली के थाना नेब सराय क्षेत्र के खानपुर निवासी सोनू कुमार, मेरठ के गंगानगर थाना क्षेत्र के गांव अमेड़ा निवासी वैभव गोयल और मुजफ्फरनगर के थाना मंसूरपुर क्षेत्र के गांव पुरा बुढ़ाना निवासी आकाश त्यागी शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से विभिन्न बैंकों के 153 डेबिट कार्ड, 1.06 लाख रुपये नकद, वारदात में प्रयुक्त कार, तीन मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक, थाना सदर क्षेत्र के शमसाबाद रोड स्थित हरिनगर कॉलोनी निवासी बीएसएफ के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट आसिफ खान ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 13 अक्टूबर 2025 की शाम वह घर के पास एटीएम से रुपये निकालने गए थे। मशीन में कार्ड फंसने पर दो युवकों ने मदद के बहाने उनका डेबिट कार्ड बदल दिया। एक सप्ताह बाद जब वह दोबारा पैसे निकालने पहुंचे तो कार्ड बदले जाने का पता चला। बैंक से जानकारी करने पर उनके खाते से 16.56 लाख रुपये निकाले जा चुके थे।
शिकायत के बाद पुलिस ने एटीएम और उन स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जहां से रकम निकाली गई थी। जांच के दौरान आरोपियों के बारे में सुराग मिला। सोमवार रात सूचना मिलने पर पुलिस ने फतेहाबाद टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ऐसे एटीएम को निशाना बनाते थे जहां सुरक्षा गार्ड नहीं होता था। जब कोई बुजुर्ग या महिला पैसे निकालने आती दिखती तो पहले ही मशीन में कार्ड स्लॉट पर फेविक्विक लगा देते थे। कार्ड फंसने पर मदद के बहाने पीड़ित से पिन पूछकर उसका कार्ड बदल देते थे और बाद में किसी अन्य एटीएम से पैसे निकाल लेते थे।पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले करीब दस वर्षों से इस तरह की ठगी कर रहे थे। वे महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड और बिहार में वारदात कर चुके हैं। केवल उत्तर प्रदेश में ही 26 जिलों में घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं और अब तक 150 से अधिक लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सरगना सोनू कुमार पर गाजियाबाद, दिल्ली और राजस्थान के विभिन्न थानों में 11 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि वैभव गोयल पर आगरा और हापुड़ में दो मामले दर्ज हैं। पुलिस आरोपियों के अन्य साथियों और ठगी के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
आगरा में एटीएम में फेविक्विक लगाकर कार्ड बदलने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा,सरगना समेत तीन गिरफ्तार
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