झाँसी/गुरसराय।
गुरसराय ब्लॉक में बुधवार को वित्तीय क्षेत्र में अनक्लेम्ड एसेट्स (डेफ़ खाते) के त्वरित निपटान हेतु विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आरबीआई लखनऊ से आए एलडीओ विशाल यादव ने की, जबकि संचालन जिले के एलडीएम अजय शर्मा द्वारा किया गया।
एलडीएम अजय शर्मा ने बताया कि अभियान 1 अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक तीन माह तक चलेगा, जिसमें जिले के सभी बैंकों में वर्षों से निष्क्रिय पड़े खातों की पड़ताल कर राशि का निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में पिछले दस वर्षों से निष्क्रिय पड़े खातों में कुल 128.64 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड स्थिति में हैं, जिन्हें वापस दिलाने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया जा रहा है।
शर्मा ने स्पष्ट किया कि जिन खातों में 10 वर्षों तक कोई लेन-देन नहीं होता, वे डेफ़ खातों में वर्गीकृत हो जाते हैं और संबंधित राशि भारतीय रिज़र्व बैंक के पास जमा हो जाती है। अभियान के दौरान खाताधारक या उनके वारिस आरबीआई के पोर्टल पर विवरण की जाँच कराते हुए आवश्यक दस्तावेज — डेफ़ फॉर्म, आधार, पैन, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो तथा अन्य आवश्यक प्रपत्र — जमा कर सकेंगे। इसके बाद समस्त प्रपत्र आरबीआई को अग्रिम कार्यवाही हेतु भेजे जाएंगे।
बैठक में एलडीओ विशाल यादव, एलडीएम अजय शर्मा के साथ RSETI डायरेक्टर जसप्रीत सिंह, डीडीएम नाबार्ड भूपेश पाल, भानु प्रताप सिंह सहित विभिन्न बैंक प्रबंधक, बैंक सखियाँ, ब्लॉक अधिकारी एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।
अभियान की प्रगति का विवरण देते हुए बताया गया कि
1 अक्टूबर 2025 से अब तक
जिले के बैंकों द्वारा 274 खातों से 384 लाख रुपये की राशि क्लेम की गई
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा 23 पॉलिसियों में 7.48 लाख रुपये का निस्तारण किया गया
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
