आगरा की सिविल टर्मिनल की बहु प्रतीक्षित मांग हुई पूर्ण, सारी बाधाएं हुई दूर- मंत्री बघेल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही उड़ान योजना के अंतर्गत आगरा से संचालित हवाई सेवाओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अक्टूबर, 2021 में आगरा से लखनऊ के लिए और नवंबर, 2023 में जयपुर के लिए हवाई सेवा शुरू की गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया एवं विभिन्न हवाई कंपनियों के निरंतर संपर्क में रहे, जिससे आज आगरा से जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद के लिए प्रतिदिन, मुंबई के लिए सप्ताह में तीन दिन और बंगलुरू के लिए सप्ताह में चार दिन हवाई सेवाएं उपलब्ध है। इसके अलावा आगरा से कोलकाता, वाराणसी, गोवा आदि गंतव्यों के लिए हवाई सेवाएं शुरू कराने के लिए मंत्री द्वारा प्रयास जारी है।
नई हवाई सेवाएं सुचारू रूप से चालू करने के लिए एयरपोर्ट का विकास अनिवार्य है। आगरा एयरपोर्ट भारतीय वायुसेना के अधीन होने के कारण इस हवाई अड्डे में यात्रियों की आवाजाही को लेकर कुछ परेशानियां जरूर हो रही हैं, जिन्हें दूर करने हेतु विगत 5 वर्षों से नया Civil Enclave के निर्माण की कोशिश जारी है। इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री, प्रो. एस. पी. सिंह बघेल, भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के आदरणीय मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ , नागर विमानन मंत्री, भारत सरकार ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया एवं माननीय पर्यावरण मंत्री भारत सरकार, भूपेंद्र यादव को पत्र लिखकर एवं मुलाकात कर आगरा एयरपोर्ट में Civil Enclave के निर्माण की मांग की जाती रही थी।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस महीने की शुरूआत में 92.5 एकड़ जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को हस्तारित कर दी गई है। राज्य सरकार द्वारा 90% भूमि भी अधिग्रहित की जा चुकी है। राज्य सरकार द्वारा 51.5 एकड़ जमीन पहले से ही उपलब्ध कराई गई थी और वर्तमान में इस भूमि पर वायुसेना के विभिन्न उपकरणों को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव भारतीय वायुसेना मुख्यालय में लंबित है। इस बारे में एयरपोर्टअथॉरिटी ऑफ इंडिया और वायुसेना मुख्यालय के बीच 6 दिसंबर, 2023 को एक बैठक भी हुई है।
आगरा में स्थित प्राचीन स्मारकों जैसे: ताजमहल, आगरा फोर्ट आदि को बचाने हेतु माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर पर्यावरण मंत्रालय द्वारा लगाई गई पाबंदियों के कारण नए सिविल एनक्लेव के निर्माण में बाधाएं उत्पन्न हो रही थीं। दिनांक 16 दिसंबर, 2023 के अपने पत्र द्वारा माननीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने नए सिविल एनक्लेव के निर्माण हेतु स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल को अवगत कराया कि नए सिविल एनक्लेव के निर्माण हेतु एनवायरनमेंटल क्लियरेंस दे दी गई है। एनवायरनमेंटल क्लियरेंस मिलने के बाद सिविल एनक्लेव के निर्माण में आने वाली वैधानिक बाधाएं समाप्त हो गई है और टेंडर की प्रक्रिया भी शीघ्र ही शुरू हो जाएगी।
