इटावा / जसवंतनगर – उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के जसवंतनगर थाना क्षेत्र में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां एक कलयुगी पति ने अपनी पत्नी का व्यक्तिगत और अश्लील वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस कृत्य ने न केवल परिवार को शर्मसार किया, बल्कि स्थानीय पुलिस और समाज में भी हलचल मचा दी। घटना से संबंधित वीडियो को आरोपित पति ने पत्नी के पिता और भाई को भी भेजा, जिससे उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। इस घटना को लेकर स्थानीय पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ कार्रवाई की है और उसे जेल भेज दिया है।
पत्नी का निजी वीडियो वायरल करना
घटना जसवंतनगर के एक गांव की है, जहां एक दंपति में किसी बात को लेकर अनबन हो गई थी। इस दौरान पति ने अपनी पत्नी के आंतरिक संबंधों का वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह वीडियो इतना शर्मनाक था कि न केवल पत्नी के परिवार बल्कि पूरे गांव में इसकी चर्चा होने लगी।
वहां से और भी बड़ी शर्मिंदगी सामने आई, जब पति ने यह वीडियो पत्नी के पिता और भाई को भेज दिया। वीडियो देखने के बाद उनके होश उड़ गए और वे पूरी तरह से विचलित हो गए। पिता और भाई ने आरोपी पति से इस बारे में बात की, लेकिन वह लड़ाई पर आमादा हो गया और अपने घिनौने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं दिखाया।
पिता और भाई का विरोध और पुलिस में शिकायत
इस असामाजिक कृत्य के बाद महिला के पिता और भाई ने थाने में जाकर घटना की रिपोर्ट दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि यह वीडियो भेजने से पहले आरोपी पति ने न केवल पत्नी की मर्यादा का उल्लंघन किया, बल्कि पूरे परिवार को अपमानित भी किया। घटना से गुस्साए महिला के भाई ने तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ आईटी एक्ट और बीएनएस की धारा 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस ने शिकायत के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और उनका शोषण करने के मामलों को सामने लाता है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और महिला के सम्मान की रक्षा की जाएगी।
समाज में बढ़ते आपराधिक कृत्य और महिला सुरक्षा
यह घटना समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और उनके अधिकारों के उल्लंघन को लेकर गंभीर सवाल उठाती है। ऐसे कृत्य न केवल एक परिवार की मर्यादा को भंग करते हैं, बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति को भी कमजोर बनाते हैं। इस घटना के बाद यह आवश्यक हो जाता है कि समाज और कानून दोनों मिलकर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करें और उन्हें ऐसे कृत्यों से बचाने के लिए कड़ी कार्रवाई करें।