झाँसी उत्तर प्रदेश
सुल्तान आब्दी
झांसी से यूपी के फ्यूचर की उड़ान: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने 50 करोड़ की सीयूसीईटी स्कॉलरशिप का किया ऐतिहासिक शुभारंभ
एआई, रिसर्च और इनोवेशन के दम पर उत्तर प्रदेश को ग्लोबल नॉलेज हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम; ‘सीयूसीईटी 2026’ एडमिशन एवं स्कॉलरशिप पोर्टल लॉन्च
इंडस्ट्री-अलाइन्ड एआई एजुकेशन को बढ़ावा: झांसी में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने 50 करोड़ की सीयूसीईटी स्कॉलरशिप और ‘सीयूसीईटी 2026’ पोर्टल किया लॉन्च
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एआई, रिसर्च और इनोवेशन का ग्लोबल नॉलेज हब बनाना हैः डॉ. अजय यादव, रजिस्ट्रार, सीयू यूपी
झांसी, 15 जनवरी: देश की पहली एआई-ऑगमेंटेड प्राइवेट यूनिवर्सिटी के रूप में स्थापित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने यूपी के शैक्षिक भविष्य को नई दिशा देने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए 50 करोड़ रुपये की सीयूसीईटी स्कॉलरशिप 2026–27 के शुभारंभ की घोषणा की। यह अहम घोषणा झांसी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जिसमें यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. अजय यादव ने बताया कि सीयूसीईटी स्कॉलरशिप योजना पहले ही अपने शुरुआती सत्र में बड़ी सफलता हासिल कर चुकी है। इसके माध्यम से 2000 से अधिक छात्र करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप का लाभ प्राप्त कर उच्च शिक्षा की ओर सशक्त कदम बढ़ा चुके हैं।
डॉ. अजय यादव ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी का स्पष्ट विजन उत्तर प्रदेश को ज्ञान, रिसर्च और अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित विकास का केंद्र बनाना है। लगभग 2500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह एआई-सपोर्टेड स्मार्ट कैंपस न केवल उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि प्रदेश को देश के टॉप रिसर्च-इंटेंसिव हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी निर्णायक भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में यूनिवर्सिटी ने 22 मल्टीडिसिप्लिनरी पीएचडी प्रोग्राम्स की शुरुआत की है, जो एग्रीकल्चर, डेटा एनालिटिक्स, क्वांटम रिसर्च, साइबर सिक्योरिटी सहित कई उभरते क्षेत्रों में रिसर्च को गति देंगे।
हाइटेक इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक-ओरिएंटेड इकोसिस्टमः अपने वादों के अनुरूप सीयू यूपी ने छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए वर्ल्ड-क्लास हाइटेक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। कैंपस में एप्पल विज़न प्रो लैब, एआई-एमएल रिसर्च सेंटर, माइक्रोसॉफ्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो प्रैक्टिकल एजुकेशन और इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स को बढ़ावा देती हैं। यूनिवर्सिटी का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री रिलेवेंस को शिक्षा के साथ इंटीग्रेट करने पर है। साथ ही, नई शिक्षा नीति के अनुरूप एडवांस्ड क्रेडिट सिस्टम और स्किल-बेस्ड प्रोग्राम्स शुरू किए गए हैं, जो छात्रों को करियर की शुरुआत से ही ग्लोबल प्लेटफॉर्म के लिए तैयार करते हैं।
इनोवेशन, स्टार्टअप और महिला सशक्तिकरण की मजबूत पहलः युवा उद्यमिता और इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यूनिवर्सिटी ने ‘कैंपस टैंक’ और ‘सीयू एआई स्पेस’ जैसी पहलें शुरू की हैं। ये प्लेटफॉर्म छात्रों और इनोवेटर्स को सीड फंडिंग, इनक्यूबेशन सपोर्ट और पेटेंट फाइलिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ द्वारा शुरू किए गए ‘कैंपस टैंक’ के माध्यम से अब तक 6 मिलियन यूएस डॉलर की फंडिंग के साथ 1000 से अधिक स्टार्टअप्स को जोड़ा जा चुका है। वहीं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा प्रारंभ की गई ‘नारी योजना’ टेक्नोलॉजी और रिसर्च के क्षेत्र में महिलाओं को नए अवसर प्रदान कर रही है।
ग्लोबल एक्सपोज़र और इंटरनेशनल कोलैबोरेशनः छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोज़र देने के लिए सीयू यूपी ने दुनिया की टॉप रैंक्ड यूनिवर्सिटीज़ के साथ कई एमओयू साइन किए हैं, जिससे इंटरनेशनल इंटर्नशिप, स्टूडेंट एक्सचेंज और जॉइंट रिसर्च के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। इसके साथ ही गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम सहित 23 टॉप ग्लोबल कंपनियों के साथ किए गए एमओयू ने शिक्षा को रीयल-वर्ल्ड इंडस्ट्री डिमांड से जोड़ दिया है। यह पहल न केवल छात्रों की एम्प्लॉयबिलिटी बढ़ाती है, बल्कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट के साथ प्रदेश के युवाओं को एआई-आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है।
40 ग्रेजुएट, 16 पोस्ट ग्रेजुएट और 12 लैटरल एंट्री सहित कुल 68 इंडस्ट्री-अलाइन्ड, टेक-ओरिएंटेड कोर्सेज के साथ छात्रों को मिलेगा ग्लोबल करियर का मजबूत प्लेटफॉर्मः चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए उच्च शिक्षा को नई दिशा देते हुए कुल 68 अत्याधुनिक, एआई-सपोर्टेड और इंडस्ट्री-अलाइन्ड अकादमिक प्रोग्राम्स की लॉन्चिंग की है। इस विस्तृत शैक्षणिक पहल में 40 अंडरग्रेजुएट, 16 पोस्टग्रेजुएट और 12 लैटरल एंट्री प्रोग्राम्स शामिल हैं, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और रियल-टाइम इंडस्ट्री डिमांड के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें फ्यूचर-रेडी स्किल्स, प्रैक्टिकल एक्सपोज़र और ग्लोबल एम्प्लॉयबिलिटी से लैस कर एक सशक्त करियर की ओर अग्रसर करना है।
पहले ही वर्ष में ऐतिहासिक उपलब्धियां: डॉ. अजय यादव
झांसी में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रजिस्ट्रार डॉ. अजय यादव ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश का पहला वर्ष उपलब्धियों, इनोवेशन और भरोसे का वर्ष रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उद्घाटन के बाद सीयू यूपी ने देश की पहली निजी एआई-आधारित मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी के रूप में बहुत कम समय में राष्ट्रीय पहचान बनाई है।
उन्होंने बताया कि एआई-सपोर्टेड स्मार्ट कैंपस, हाइटेक लैब्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इंडस्ट्री-लिंक्ड करिकुलम और मजबूत स्टार्टअप कल्चर के माध्यम से यूनिवर्सिटी ने प्रदेश के युवाओं के लिए फ्यूचर-रेडी अवसरों के द्वार खोले हैं। कैंपस टैंक, सीयू एआई स्पेस, माइक्रोसॉफ्ट एआई बूटकैम्प और 60 से अधिक निःशुल्क हाई-डिमांड स्किल एडवांस्ड क्रेडिट प्रोग्राम्स ने सीयू यूपी को इनोवेशन और उद्यमिता का नया केंद्र बना दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि 100 से अधिक कंपनियों के साथ कॉर्पोरेट एडवाइजरी बोर्ड का गठन कर छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप और सी वी रमन छात्रवृत्ति के माध्यम से मेधावी छात्रों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। रिसर्च के क्षेत्र में सीयू यूपी तेजी से आगे बढ़ रहा है और 22 पीएचडी प्रोग्राम्स प्रदेश में रिसर्च कल्चर को नई दिशा देंगे।
सीयूसीईटी पोर्टल लॉन्च, छात्रों को मिलेगा नया अवसरः इस अवसर पर डॉ. शुभेंदु चक्रवर्ती, असिस्टेंट डीन (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) एवं एसोसिएट प्रोफेसर ने सीयूसीईटी 2026 पोर्टल लॉन्च करते हुए बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूसीईटी) में प्राप्त अंकों के आधार पर प्रवेश प्रदान करती है। इच्छुक अभ्यर्थी https://cucet.cuchd.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जबकि अधिक जानकारी के लिए 18002701411 (टोल फ्री) नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सीयूसीईटी का उद्देश्य हजारों छात्रों के शैक्षिक सपनों को साकार करना, आर्थिक बाधाओं को दूर करना और आने वाली पीढ़ी को रोजगार, एआई और उन्नत कौशल विकास के नए अवसर प्रदान करना है। यह पहल उत्तर प्रदेश को डिजिटल और टेक्नोलॉजिकल प्रगति की नई पहचान दिलाने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने में अहम भूमिका निभाएगी।
