आगरा, किरावली: आगरा कमिश्नरेट का थाना अछनेरा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। पहले से ही अवैध खनन के मामलों और जनप्रतिनिधियों के साथ कथित मिलीभगत को लेकर सुर्खियों में रहा यह थाना अब एक निलंबित उपनिरीक्षक (एसआई) सोवरन सिंह यादव द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है। बुधवार को निलंबित किए गए एसआई सोवरन सिंह यादव ने निलंबन के बाद बगावती तेवर अपना लिए हैं।
बीती शाम उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस वीडियो में एसआई सोवरन सिंह यादव ने सीधे तौर पर थाना प्रभारी अछनेरा पर गंभीर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। यादव का कहना है कि थाना प्रभारी उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे थे और उनकी अधिकांश ड्यूटी जानबूझकर रात्रि में लगाई जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने रात्रि ड्यूटी के दौरान क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन को पकड़ा, तो यह बात थाना प्रभारी को नागवार गुजरी, जिसके बाद उन्हें एक साजिश के तहत निलंबित करवा दिया गया।
छुट्टी का प्रार्थनापत्र फाड़कर की गई अभद्रता
वायरल वीडियो में एसआई सोवरन सिंह यादव ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल को उन्होंने अपनी बेटी की सगाई के लिए अवकाश का प्रार्थनापत्र दिया था, जिसे थाना प्रभारी ने यह कहकर फाड़ दिया कि “जयपुर जा रहे हो।” जब उन्होंने अवकाश की आवश्यकता पर जोर दिया, तो थाना प्रभारी ने उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की। इसके बाद, चुपचाप उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई और अंततः उनका निलंबन कर दिया गया।
पत्नी ने लगाई सुरक्षा की गुहार
निलंबित उपनिरीक्षक की पत्नी ने भी इस मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल पर एक शिकायत दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में उन्होंने थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके पति ने थाना प्रभारी के अवैध कार्यों में सहयोग नहीं किया, जिसके कारण उन्हें यह सब भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने अपने पति और पूरे परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
अछनेरा थाने की बिगड़ती स्थिति
एसआई सोवरन सिंह यादव का यह आक्रोशित होकर वीडियो वायरल करना अछनेरा थाने की अंदरूनी स्थिति को दर्शाता है। वर्तमान थाना प्रभारी अपने दस महीने के कार्यकाल में लगातार विवादों के केंद्र बने रहे हैं। क्षेत्र में चल रही अवैध गतिविधियों को कथित रूप से संरक्षण देने और थाने में दलालों की उपस्थिति को लेकर भी लगातार चर्चाएं होती रही हैं। थाने पर कुछ ऐसे कथित प्रभावशाली लोगों का जमावड़ा रहता है, जिनके बारे में कहा जाता है कि पूरा थाना उन्हीं के इशारों पर चलता है।
पुलिस का बयान
आगरा कमिश्नरेट की मीडिया सेल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि थाना अछनेरा क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और नियमित गश्त एवं निगरानी की जा रही है। मीडिया सेल ने यह भी बताया कि निलंबित उपनिरीक्षक द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एसीपी खेरागढ़ और एसीपी अछनेरा को अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह घटना आगरा पुलिस विभाग के भीतर की कलह और भ्रष्टाचार के आरोपों को उजागर करती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दो एसीपी की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। पीड़ित दरोगा और उनके परिवार को सुरक्षा मिल पाती है या नहीं, यह भी एक बड़ा सवाल है।
