झाँसी-ललितपुर। बुंदेलखंड को दलहन उत्पादन का हब बनाने और यहाँ के किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ सांसद (झाँसी-ललितपुर) ने लोकसभा में क्षेत्र की महत्वपूर्ण समस्याओं और संभावनाओं को प्रमुखता से उठाया। सांसद ने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए बुंदेलखंड के किसानों के हित में ‘दलहन बोर्ड’ के गठन का ऐतिहासिक प्रस्ताव रखा।
🌱 बुंदेलखंड: दलहन उत्पादन के लिए सबसे उपयुक्त क्षेत्र
सांसद ने सदन को बताया कि बुंदेलखंड की मिट्टी और जलवायु परिस्थितियाँ दलहन (दालों) की खेती के लिए देश में सबसे अनुकूल हैं। यदि यहाँ के किसानों को सही संसाधन और सरकारी सहयोग मिले, तो यह क्षेत्र देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
⚡ सिंचाई के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन की अवधि बढ़ाने की मांग
किसानों की व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए सांसद ने मांग की कि:
रबी की फसल के दौरान किसानों को दिए जाने वाले अस्थायी विद्युत कनेक्शनों की समय सीमा (तिथि) को और विस्तारित किया जाए।
इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और फसल उत्पादन में बाधा नहीं आएगी।
📦 ‘दलहन बोर्ड’ के गठन का प्रस्ताव
देश में पहली बार दलहन क्षेत्र को संगठित करने के लिए सांसद ने “दलहन बोर्ड” के गठन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस बोर्ड के बनने से:
दलहन क्षेत्र में आधुनिक अनुसंधान (Research) को बढ़ावा मिलेगा।
बेहतर भंडारण और विपणन (Marketing) की सुविधा मिलेगी।
किसानों को उनकी फसल का उचित दाम और बाजार सीधे उपलब्ध होगा।
🤝 केंद्र सरकार के किसान कल्याण संकल्प पर भरोसा
सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा ‘किसान कल्याण’ रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार बुंदेलखंड के किसानों की इन मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगी, जिससे न केवल झाँसी-ललितपुर बल्कि पूरे देश के किसानों को लाभ होगा।
