आगरा: कमला नगर के एक युवक और दयाल बाग की युवती के बीच वर्ष 2020 में हुई शादी महज़ एक साल में ही टूट गई। वैचारिक मतभेद के चलते शादी के तुरंत बाद ही दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई थी, जिसके परिणामस्वरूप वे वर्ष 2021 में अलग रहने लगे। अब, आपसी सहमति से दोनों ने तलाक ले लिया है, जिसमें पत्नी ने पति से भरण-पोषण के रूप में एकमुश्त ₹7 लाख प्राप्त किए हैं।
शादी के बाद वैचारिक मतभेद बने अलगाव का कारण
मामले के अनुसार, दयाल बाग निवासी युवती की शादी 2020 में कमला नगर के युवक से हुई थी। शादी के बाद ही दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों पर वैचारिक मतभेद और मनमुटाव बढ़ने लगा, जिसके कारण वे एक साल के भीतर ही अलग-अलग रहने लगे। यह दर्शाता है कि विवाह जैसे पवित्र बंधन में भी यदि दो व्यक्तियों के विचार नहीं मिलते, तो रिश्ते को निभाना कठिन हो जाता है।
आपसी सहमति से तलाक और भरण-पोषण की राशि
लंबे समय तक अलग रहने के बाद, पत्नी ने अपने पति से भरण-पोषण के लिए एकमुश्त राशि की मांग की। दोनों पक्षों की सहमति के बाद, पत्नी को ₹7 लाख की राशि प्राप्त हुई। इसके उपरांत, दोनों ने आपसी सहमति से विवाह विच्छेद (तलाक) के लिए अदालत में याचिका प्रस्तुत की। अदालत ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए दोनों के मध्य विवाह विच्छेद के आदेश जारी कर दिए।
इस पूरे मामले में अधिवक्ता शिव शंकर मुदगल ने पैरवी की। यह मामला दर्शाता है कि कैसे आपसी सहमति और उचित वित्तीय समझौता करके भी वैवाहिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है, जिससे दोनों पक्ष अपनी आगे की राह चुन सकें।
