झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि झांसी वीरों की भूमि है और यहाँ की बेटियाँ पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं।
विकसित भारत: 2047 का लक्ष्य और शिक्षा का नया दौर

राज्य मंत्री ने सुभद्रा कुमारी चौहान की प्रसिद्ध पंक्तियों “खूब लड़ी मर्दानी” का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटियाँ छोटे दीपक की तरह होती हैं जो समाज को रोशन करती हैं। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन में एक नया अध्याय शुरू करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन 2047 के अनुसार भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसमें युवाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने बताया कि भारत अब 11वीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और हमारा अगला लक्ष्य तीसरा स्थान हासिल करना है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सराहना करते हुए कहा कि इसने शिक्षा, राष्ट्र और समाज के निर्माण के नए रास्ते खोले हैं।

रजनी तिवारी ने यह भी बताया कि पहले उत्तर प्रदेश के 18 मंडलों में से 8 में कोई सरकारी विश्वविद्यालय नहीं था, लेकिन अब हर मंडल में एक विश्वविद्यालय है। सरकार अब शिक्षा की गुणवत्ता (क्वालिटी) पर अधिक ध्यान दे रही है, जिसका उदाहरण बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की NAAC A++ और UGC Category-1 जैसी उपलब्धियां हैं।
कुलपति ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट

कुलपति प्रो. मुकेश पांडे ने छात्रों को बधाई देते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की सफलता पूर्व कुलपतियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और राज्यपाल के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि NAAC A++ की उपलब्धि भी इन्हीं प्रयासों का हिस्सा है।
प्रो. पांडे ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री के “स्वदेशी और नवाचार” के विजन पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष समर्थ पोर्टल के माध्यम से अब तक 4600 एडमिशन हुए हैं, जो एक रिकॉर्ड है। उन्होंने ग्रीन एनर्जी की दिशा में उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी, जिसमें 1 मेगावाट सोलर प्लांट की स्थापना शामिल है, जिससे बिजली के खर्च में 25-30 प्रतिशत की कमी आएगी।
दीक्षांत समारोह में हुई प्रमुख गतिविधियां

समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पदक प्रदान किए गए:
* कुलाधिपति स्वर्ण पदक: ऋषिका द्विवेदी
* कुलाधिपति रजत पदक: नैनी कुमारी (एमएससी), अभिषेक कुमार (एमए), अवरिल द्विवेदी (एमकॉम), साक्षी जैन (एमलिब), पंकज पटेल (एमए एप्लाइड इकोनॉमिक्स), मॉरीशा गुप्ता (एमबीए बिजनेस इकोनॉमिक्स), मानसी निरंजन (एमबीए), ऋषिका द्विवेदी (एमएससी कृषि), मानसी राजपूत (एमबीए बैंकिंग एंड इंश्योरेंस), कनिष्का पाठक (एमएसडब्ल्यू), अरिहंत जैन (एमबीए आईबी), अलीशा जबी (एम फार्मा)।

इस अवसर पर कई भवनों और सुविधाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया, जिसमें देवी अहिल्याबाई महिला छात्रावास, कंप्यूटर सेंटर भवन और कर्मचारी आवास शामिल हैं। साथ ही, कई पत्रिकाओं का विमोचन भी हुआ। उन्नत भारत अभियान के तहत प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
