सुल्तान आब्दी
झाँसी, उत्तर प्रदेश – झांसी में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां बेटियों ने अपने पिता का अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाज से किया। डड़ियापुरा गोपाल की बगिया निवासी किशोरीलाल कुशवाहा के निधन पर उनकी चार बेटियां आशा, नीलू, निशा और दीपू ने पिता का अंतिम संस्कार कर बेटियों ने पिता के प्रति अपने प्रेम और समर्पण को दिखाया और उनकी अंतिम इच्छा को पूरा किया। यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है जो दूसरों को भी प्रेरित कर सकता है।
दरअसल किशोरीलाल के पुत्र न होने के बावजूद बेटियों ने यह जिम्मेदारी निभाई और उनकी चारों बेटियों ने पिता की अंतिम यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मुक्तिधाम पर बेटियों ने पिता का अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाज से किया, उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। जबकि लोग कहते हैं कि महिलाओं का मुक्तिधाम पर जाना वर्जित होता था और वे किसी तरह की क्रिया-कर्म नहीं कर सकती थीं। लेकिन इस मामले में बेटियों ने पिता का अंतिम संस्कार करके रूढ़िवादी परंपरा को तोड़ दिया।
