एटा: यह शहर है अमन का, यहां पर सब शांति-शांति… फिल्म राज का यह गीत भले ही परदे पर अच्छा लगता हो, लेकिन अब इसकी झलक हकीकत में जैथरा थाना क्षेत्र में भी दिखाई देने लगी है। बीते कुछ समय से यहां का माहौल शांत और व्यवस्थित नजर आ रहा है, जिसका श्रेय थाना अध्यक्ष रितेश ठाकुर की सक्रिय कार्यशैली को दिया जा रहा है।
थाना अध्यक्ष रितेश ठाकुर ने कार्यभार संभालने के बाद सबसे पहले क्षेत्र की समस्याओं को गहराई से समझा। उन्होंने पाया कि नगर में कुछ युवाओं की टोलियां बेवजह सड़कों और गलियों में घूमती रहती थीं, जिससे आम लोगों में असुरक्षा की भावना बनी रहती थी। नगर और थाना क्षेत्र ये टोलियां केवल सामाजिक माहौल को प्रभावित नहीं कर रही थीं, कई बार छोटे-मोटे विवादों और झगड़ों की वजह भी बनती थीं।
इस चुनौती से निपटने के लिए थाना अध्यक्ष ने एक सुनियोजित रणनीति तैयार की। पुलिस टीम द्वारा ऐसे युवाओं की पहचान कर उन्हें चिन्हित किया गया। इसके बाद उनके खिलाफ सख्ती के साथ-साथ सुधारात्मक कदम भी उठाए गए। नियमित गश्त बढ़ाई गई, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई और अभिभावकों से भी संपर्क कर युवाओं को सही दिशा में लाने का प्रयास किया गया।
जैथरा पुलिस की इस कार्रवाई का असर धीरे-धीरे दिखाई देने लगा। जो युवक पहले बेवजह सड़कों पर घूमते नजर आते थे, वे अब या तो अपने काम-धंधे में लग गए हैं या फिर घरों में रहने लगे हैं। नगर की गलियों में मोटरसाइकिल लेकर फर्राटा भरने वाले किशोरों में काफी हद तक रोक लगी और शोर-शराबा कम हुआ है, जिससे नगर के व्यापारियों में बड़ी राहत देखने को मिली है।
व्यापारी वर्ग और अमन पसंद लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। व्यापारियों का कहना है कि पहले कुछ युवाओं की टोली नगर का सौहार्द बिगाड़ने के लिए लड़ाई झगड़ा और छोटे-मोटे विवाद को अंजाम देती रहती थी, वहीं अब माहौल काफी सुरक्षित महसूस होता है। शाम के समय बाजार में भी पहले की तुलना में अधिक रौनक देखने को मिल रही है।
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि थाना अध्यक्ष रितेश ठाकुर की यह सख्ती केवल दंडात्मक नहीं, एक सुधारात्मक कदम है। काउंसलिंग के जरिए भी युवाओं को भटकने से रोककर उन्हें सही रास्ता दिखाना ही असली पुलिसिंग है, और इस दिशा में जैथरा पुलिस ने एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत किया है।
थाना अध्यक्ष रितेश ठाकुर का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने साफ किया कि क्षेत्र में शांति भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, वहीं जो लोग सही राह पर चलना चाहते हैं, उन्हें पूरा सहयोग दिया जाएगा।
पुलिस की मुस्तैदी और सुनियोजित कार्यवाही से थाना क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। अगर इसी तरह प्रयास जारी रहे, तो आने वाले समय में थाना अध्यक्ष के प्रशासनिक कौशल से शांति और सुरक्षा एक नजीर पेश कर सकती है।
जैथरा में पुलिस की सख्ती से नगर में शांति, आवारागर्दी करने वाले युवाओं पर कसी नकेल
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