आगरा के शाहगंज फाटक के पास भारत स्काउट गाइड और पारिजात संस्था द्वारा संयुक्त रूप से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ. अनिल वशिष्ठ और डॉ. धीरज मोहन सिंघल की उपस्थिति में रोवर्स-रेंजर्स ने पौधों की सेवा का संकल्प लिया।
आगरा। पर्यावरण को हरा-भरा बनाने और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के संकल्प के साथ आज दिनांक 29 मार्च 2026 को ताजनगरी में एक विशेष पौधारोपण अभियान चलाया गया। शाहगंज फाटक के समीप भारत स्काउट गाइड जिला संस्था एवं पारिजात संस्था के संयुक्त तत्वावधान में वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन संपन्न हुआ।
पौधों को दिया जीवन, पुराने वृक्षों की भी की देखभाल
कार्यक्रम के दौरान केवल नए पौधे ही नहीं लगाए गए, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए संस्था के सदस्यों ने पुराने लगे हुए पेड़ों की भी सुध ली। स्काउट गाइड, रोवर्स और रेंजर्स ने मिलकर नए पौधों को रोपित कर उन्हें पानी दिया। इसके साथ ही, पूर्व में लगाए गए वृक्षों के आसपास ‘सराउंडिंग’ (घेराबंदी) का कार्य किया गया और उनकी ‘नरई-गुड़ाई’ कर उन्हें नया जीवन देने का प्रयास किया गया।
प्रमुख पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस पुनीत कार्य में शहर के कई गणमान्य शिक्षाविद और समाजसेवी उपस्थित रहे। पारिजात संस्था के संस्थापक एवं सेक्रेटरी डॉ. धीरज मोहन सिंघल ने पर्यावरण संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को प्रकृति से जुड़ने का आह्वान किया।

वहीं, भारत स्काउट गाइड जिला संस्था के जिला मुख्य आयुक्त डॉ. अनिल वशिष्ठ ने कहा कि सेवा और अनुशासन के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा करना भी हर नागरिक का धर्म है। कार्यक्रम में आगरा विश्वविद्यालय के सहायक प्रादेशिक कमिश्नर डॉ. बसंत बहादुर ने भी शिरकत की और स्काउट्स के इस प्रयास की सराहना की।
इनकी रही मुख्य भूमिका

कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में निम्नलिखित पदाधिकारियों का विशेष सहयोग रहा:
डॉ. महेश कुमार सैनी (DOC स्काउट)
श्रीमती भावना सिंह (DTC गाइड)
डॉ. दिग्विजय पचौरी (सहायक सचिव)
श्रीमती रेणु कुमारी (प्राचार्या, सरस्वती विद्या मंदिर रोनकता)
विशाल कुमार (डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग कमिश्नर, आगरा विश्वविद्यालय)
मनोज कुमार एवं महेश जी (सीनियर ट्रेनिंग काउंसलर)
इस अवसर पर पारिजात संस्था के बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स और सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर श्रमदान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने और उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।


