दो बार हो चुका बवाल, तीन दिन पूर्व हंगामे में बुजुर्ग महिला का हाथ टूटा
आगरा। जनपद के तहसील किरावली क्षेत्र अंतर्गत अछनेरा स्थित कमला गैस एजेंसी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। यहां गैस सिलेंडर की कथित फर्जी डिलीवरी के मैसेजों ने उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। आरोप है कि उपभोक्ताओं द्वारा गैस बुकिंग कराने के बाद बिना सिलेंडर प्राप्त किए ही उनके मोबाइल पर डिलीवरी के मैसेज प्राप्त हो रहे हैं।गैस एजेंसी पर ग्राहक के नंबर पर बगैर ओटीपी के अवैध डिलीवरी के आरोप लग रहे हैं।
इस मामले को लेकर क्षेत्र में गैस की कालाबाजारी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सैकड़ों उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर एजेंसी पहुंच रहे हैं। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि एजेंसी पर अब तक दो बार बवाल हो चुका है। एक घटना में आक्रोशित युवकों ने तोड़फोड़ की, जबकि दूसरे मामले में हंगामे के दौरान एक बुजुर्ग महिला का हाथ टूट गया था।कस्बा निवासी लोकेंद्र पुत्र बहादुर सिंह ने बताया कि उन्होंने एक अप्रैल को भारत गैस के टोल फ्री नंबर 7718012345 पर गैस बुक कराई थी। इसके बाद दो अप्रैल को उन्हें डिलीवरी संख्या 908477 से सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज मिला, जबकि उन्हें कोई सिलेंडर प्राप्त नहीं हुआ। चार अप्रैल को लोकेंद्र अपने साथ प्रभुदयाल, ओमप्रकाश शर्मा सहित दो दर्जन से अधिक उपभोक्ताओं के साथ सबकी एक सामान समस्या को लेकर एजेंसी पहुंचे और शिकायत कर्मचारियों से की।तो आरोप है कि एजेंसी कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं को बताया कि उनकी डिलीवरी पहले ही हो चुकी है। इतना ही नहीं, कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं से ओटीपी भी ले लिया गया और बाद में कहा गया कि अब 27 दिन बाद ही सिलेंडर मिलेगा।इसी तरह गांव मई निवासी बनवारी लाल ने बताया कि उन्होंने सात अप्रैल को गैस बुक कराई थी, लेकिन बिना सिलेंडर मिले ही उनके मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज आ गया। जब उन्होंने एजेंसी पर जानकारी की तो कर्मचारियों ने उल्टा उन्हें ही सिलेंडर लेने की बात कह दी और ओटीपी लेकर 27 दिन बाद आने को कहा।बताया जा रहा है कि तीन दिन पूर्व भी गैस सिलेंडरों की कथित अवैध डिलीवरी को लेकर एजेंसी पर जमकर हंगामा हुआ था, जिसमें भीड़ आक्रोशित हो गई थी और एक बुजुर्ग महिला घायल हो गई थी,हाथ टूट गया था। जिसके सोशल मीडिया पर वीडियो भी सामने आ चुके है। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया था, लेकिन इसके बावजूद फर्जी डिलीवरी का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।अब सवाल उठ रहा है कि आखिर ये फर्जी डिलीवरी कौन कर रहा है और सिलेंडर कहां खपाए जा रहे हैं।उपभोक्ताओं ने एजेंसी कर्मचारियों की भूमिका पर भी संदेह जताया है। लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो अवैध गैस भंडारण और कालाबाजारी का बड़ा खुलासा हो सकता है।क्षेत्रीय लोगों और उपभोक्ताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।कथित रूप से गैस एजेंसी पर एक कर्मचारी अपने परिचितों को देर शाम तक सिलेंडर देते देखे जाते हैं।
