आगरा। किसानों ने सहकारिता विभाग में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो 30 अप्रैल को विधानसभा के सामने पांच किसान आत्मदाह करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। आत्मदाह की चेतावनी देने वालों में मुकेश पाठक, श्याम सिंह चाहर और अन्य तीन किसान शामिल हैं।
विभाग पर गंभीर आरोप :किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने आरोप लगाया कि सहकारिता विभाग में अधिकारी और कर्मचारी मिलकर लगातार घोटाले कर रहे हैं। जन सूचना अधिनियम के तहत जानकारी मांगने पर भी उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सूचना के लिए 4800 रुपये जमा करने के बावजूद समय पर जानकारी नहीं दी गई और सुनवाई की तारीखों को बार-बार टाला गया। यहां तक कि फाइलों में तिथियां तक दर्ज नहीं की गईं, जिससे फर्जीवाड़े की आशंका और बढ़ गई है।
डीएपी और समितियों में गड़बड़ी के आरोप : किसान नेता लाखन सिंह त्यागी ने आरोप लगाया कि डीएपी खाद की शिकायत पर जांच के दौरान गोदाम भरे होने के बावजूद किसानों को महंगे दामों पर खाद खरीदने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों में किसानों की करीब करोड़ों रुपये की शेयर मनी जमा है, लेकिन अब तक कोई लाभांश नहीं दिया गया। आरोप है कि हर वर्ष होने वाली सामान्य निकाय बैठकों में भी पारदर्शिता नहीं बरती जाती और फर्जी दस्तावेजों के जरिए गड़बड़ी की जाती है।
छात्रवृत्ति में भी घोटाले का आरोप: लक्ष्मी नारायण बघेल ने आरोप लगाया कि 1998 से 2016 तक गरीब बच्चों के लिए दी गई करीब 22 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति में भी घोटाला हुआ है। न तो बच्चों को पूरी छात्रवृत्ति मिली और न ही शेष धनराशि सरकार को वापस की गई।
शिकायत करने पर धमकी का आरोप :मुकेश पाठक ने कहा कि शिकायत करने पर विभागीय अधिकारियों द्वारा किसान नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है। किसानों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों के साथ हो रहे अन्याय को रोका जा सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान सुरेंद्र कुमार, विश्वार सिंह, पंकज कुमार, जयप्रकाश, शाकिर खान, महताब सिंह, गजेंद्र सिंह चाहर, वीएस चाहर, मुरारी लाल सिंह सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।
