डिजिटल साक्ष्यों को नजरअंदाज करने व तहरीर बदलवाने का आरोप, चार दिन से धरने पर डटे संगठन
अनुमति के लिए एसडीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र, सैकड़ों लोगों ने हाईवे पर निकाला मार्च
किरावली। थाना क्षेत्र की सब्जी मंडी में 30 अप्रैल को मोटरसाइकिल हटाने के विवाद में आधा दर्जन से अधिक युवकों द्वारा दो सगे नाबालिग भाइयों पर किए गए जानलेवा हमले के बाद कस्बे में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि एक के सिर में 14 टांके आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद पुलिस पर मामूली धाराओं में कार्रवाई करने के आरोप लगे हैं।सैकड़ों पुरुष और महिलाओं हाथों में बैनर और मोमबत्ती लेकर नाराजगी जाहिर की है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने न केवल डिजिटल साक्ष्यों को नजरअंदाज किया, बल्कि पीड़ित पक्ष से थाने में तहरीर भी बदलवा दी। गंभीर धाराएं न लगाए जाने से नाराज हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने मोनी बाबा आश्रम पर धरना शुरू कर दिया, जो चार दिनों से जारी है। समाजसेवी भोज कुमार फौजी के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में सैकड़ों लोग शामिल हो रहे हैं।प्रदर्शनकारियों ने बाल श्रम पर रोक, हाईवे किनारे अतिक्रमण हटाने और ठेला-फेरी करने वालों के सत्यापन की मांग भी उठाई है।
बुधवार को प्रदर्शनकारी किरावली तहसील पहुंचे और धरना जारी रखने की अनुमति के लिए उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा।उपजिलाधिकारी दिव्या सिंह ने बताया कि धरने की अनुमति पुलिस जांच के बाद ही दी जाएगी। साथ ही बाल श्रम के खिलाफ मंडी परिसर में पुलिस के साथ निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।इधर, पुलिस की कार्यशैली के विरोध में बुधवार शाम कस्बे में सैकड़ों लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर निकाले गए इस मार्च में महिला-पुरुषों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर “जस्टिस दो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण धरने के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।कैंडल मार्च के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए गए।
