मौके पर मामूली विरोध,टीम के कर्मचारियों पर पहुंचा फोन,बीच में ही छोड़ी नाप
किरावली (आगरा)। थाना किरावली क्षेत्र के गांव मलिकपुर में सरकारी चकरोड की पैमाइश के दौरान प्रशासन को विरोध का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे बने कि तहसील की टीम को माप कार्य बीच में ही छोड़कर बैरंग लौटना पड़ा। घटना के बाद गांव में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, तहसील किरावली के गांव मलिकपुर से सालिगा नगला मार्ग (लगभग 2.3 किमी) को पक्का कराने के लिए क्षेत्रीय विधायक चौधरी बाबूलाल द्वारा शिलान्यास किया गया था। इसके बाद मार्ग का निर्माण कार्य जारी है। इसी बीच कुछ किसानों द्वारा जमीन अधिग्रहण को लेकर आपत्ति जताई गई,लिखित शिकायत तहसील दिवस दी गई, जिस पर तहसील प्रशासन ने पैमाइश के लिए कानूनगो के नेतृत्व में टीम गांव भेजी।बताया गया है कि जैसे ही टीम ने जमीन की नाप शुरू कर निशान के लिए मुंडियां गाड़नी शुरू कीं, कुछ लोगों ने इसका विरोध कर दिया। आरोप है कि विरोध करने वाले लोग प्रशासन को मुंडियां न गाड़ने देने की धमकी देने लगे और विवाद की स्थिति बन गई। मौके पर पुलिस बल मौजूद होने के बावजूद हालात नहीं संभल सके।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रशासन ने कुछ स्थानों पर निशान लगाए, लेकिन मामूली विरोध, टीम पहुंचे फोन के चलते पूरी पैमाइश किए बिना ही टीम को लौटना पड़ा। बाद में लगाए गए निशानों को भी उखाड़ दिए जाने की बात सामने आई है।घटना के बाद क्षेत्र में कई सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब प्रशासन पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद था, तो फिर पैमाइश पूरी क्यों नहीं कराई जा सकी।आखिर फोन किसी सत्ताधारी नेता का तो नहीं आया, साथ ही, सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर भी लोग नाराजगी जता रहे हैं।इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन मामले में आगे क्या कदम उठाता है और चकरोड की पैमाइश व निर्माण कार्य को कैसे पूरा कराया जाता है।
