अग्र भारत संवाददाता,आगरा। बेसिक शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा कार्यालय में तैनात जिला समन्वयक कुलदीप तिवारी पर गंभीर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगने से विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) आगरा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) से सात दिन के भीतर बिंदुवार सप्रमाण रिपोर्ट तलब की है।
अकोला निवासी अजय चाहर द्वारा मुख्य विकास अधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि संबंधित अधिकारी पिछले 15 वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात रहकर समग्र शिक्षा की विभिन्न योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर रहा है। शिकायत के अनुसार कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों सहित कई योजनाओं के बजट में हेराफेरी कर करोड़ों रुपये के गबन का आरोप है।शिकायत में जेम पोर्टल के माध्यम से ठेके दिलाने में हेरफेर कर अपनी कथित फर्मों को लाभ पहुंचाने, अधूरी सप्लाई दिखाकर भुगतान कराने और मानदेय को नियम विरुद्ध बढ़ाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा अन्य पटल का कार्य अपने कब्जे में लेकर नियमों की अनदेखी करने और पाठ्य पुस्तकों की ढुलाई में अनियमितता का भी उल्लेख किया गया है।सबसे चौंकाने वाला आरोप संबंधित कर्मचारी की पत्नी की कथित फर्जी नियुक्ति को लेकर है, जिसमें बिना कार्य किए वेतन लेने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विभागीय मिलीभगत से यह पूरा खेल लंबे समय से चलता आ रहा है।मामले में मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने बीएसए आगरा को निर्देशित किया है कि शिकायत में अंकित प्रत्येक बिंदु पर साक्ष्यों सहित विस्तृत आख्या 21 मई 2026 तक हर हाल में प्रस्तुत की जाए। साथ ही शिकायतकर्ता से भी शपथपत्र और साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।बीएसए आगरा से कई बार दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया गया,वाट्सअप के द्वारा संदेश भेजा गया लेकिन उनके द्वारा कोई उत्तर नहीं दिया गया है । वहीं मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
