जमीन विवाद में दबंगों का तांडव, ट्रैक्टर को बनाया निशाना; बाल-बाल बची कई जानें
खेरागढ़ (आगरा)। खेरागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भिलावली में रविवार को जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक पूर्व सैनिक के खेत पर कथित तौर पर दबंगों ने खुलेआम फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा और खेत में काम कर रहे लोगों में भगदड़ मच गई। फायरिंग में ट्रैक्टर के बोनट और टायर में गोलियां लगने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
घटना रविवार दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। रामबाग, आगरा निवासी भूतपूर्व सैनिक विशंभर सिंह के अनुसार उनकी भिलावली स्थित जमीन पर जुताई और तारबंदी का कार्य चल रहा था। इसी दौरान गांव के ही संदीप उर्फ ससिया और भोले पुत्रगण जगन्नाथ वहां पहुंचे और काम बंद करने का दबाव बनाने लगे। आरोप है कि विरोध करने पर दोनों ने अवैध हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक चली गोलियों से खेत पर मौजूद मजदूरों और किसानों में दहशत फैल गई। जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। एक गोली ट्रैक्टर के बोनट में जा धंसी, जबकि दूसरी गोली टायर में लगी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
13 साल पुराना भूमि विवाद बना खूनी संघर्ष की वजह
जानकारी के अनुसार, विशंभर सिंह और उनकी पत्नी ने वर्ष 2013 में भिलावली में करीब साढ़े पांच बीघा भूमि खरीदी थी। बाद में शेष हिस्सा भी उनके नाम हो गया। वर्षों तक आपसी सहमति से खेती होती रही, लेकिन हाल के दिनों में भूमि पर अधिकार और खेती को लेकर विवाद गहरा गया। बताया जा रहा है कि जमीन को दूसरे किसान को खेती के लिए देने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था।
ट्रैक्टर पर लगी गोलियां बनीं हमले की गवाही
घटनास्थल पर ट्रैक्टर में लगी गोलियों के निशान हमले की गंभीरता बयां कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गोली का निशाना थोड़ा भी इधर-उधर होता तो किसी की जान जा सकती थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से गांव में भय का माहौल है।
पुलिस पहुंची, मुकदमा दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 और खेरागढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी हरीश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में फायरिंग की पुष्टि हुई है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं।
पहले भी लगे थे हमले के आरोप
पूर्व सैनिक विशंभर सिंह का आरोप है कि मार्च 2025 में भी इसी पक्ष द्वारा उनके मजदूरों पर फायरिंग की गई थी, लेकिन उस समय प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़ गए। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

दिनदहाड़े खेत में चली गोलियों ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते भूमि विवादों और दबंगई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
